गढ़वा: झारखंड सरकार की ओर से किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए शुरू की गयी 'बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है. गुरुवार को गढ़वा समाहरणालय परिसर से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पशुपतिनाथ मिश्रा ने किसानों को योजना की जानकारी देने और अधिक से अधिक कृषकों को इससे जोड़ने के उद्देश्य से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
यह जागरूकता रथ जिले के प्रत्येक प्रखंड और पंचायत में भ्रमण कर किसानों को बीमा के लाभ, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और फसल क्षति की सूचना देने की प्रक्रिया से अवगत करायेगा. समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री मिश्रा ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, असामान्य वर्षा, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट एवं रोगों से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है. उन्होंने जिले के तमाम किसानों से अपील की कि वे समय रहते अपनी फसलों का बीमा अवश्य करायें, ताकि आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके.
विभागीय पत्र के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 से राज्य में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को 'बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के नाम से पुनः लागू किया गया है. खरीफ 2026 के तहत अगहनी धान व भदई मक्का तथा रबी 2026-27 के लिए गेहूं, आलू, राई-सरसों एवं चना फसलों को अधिसूचित किया गया है.
गढ़वा में 1.12 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य
गढ़वा जिले में कुल 1,12,998 किसानों को योजना से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत 70,926 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को बीमा के दायरे में लाया जाएगा. अब तक जिले के 6,230 किसान अपनी फसलों का बीमा करा चुके हैं. प्रशासन ने शेष किसानों से भी शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की है.
मात्र ₹1 में मिलेगी फसल सुरक्षा
योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को केवल ₹1 का टोकन प्रीमियम देना होगा. इसके अलावा उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और शेष प्रीमियम राशि का वहन सरकार करेगी.
बीमा कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज व प्रक्रिया
फसल बीमा कराने के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र व वंशावली (बटाईदार होने पर बटाई प्रमाण-पत्र), फसल बुवाई का स्व-सत्यापित पत्र और सक्रिय मोबाइल नंबर प्रस्तुत करना होगा. किसान अपने नजदीकी बैंक, सहकारी बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर, बीमा कंपनी कार्यालय या पोर्टल (www.pmfby.gov.in) तथा क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
प्राकृतिक आपदा से फसल प्रभावित होने पर किसान भारत सरकार के कृषि रक्षक पोर्टल हेल्पलाइन नंबर 14447, बैंक शाखा, कृषि व सहकारिता विभाग या ऐप के जरिये क्षति दर्ज करा सकते हैं.
मौके पर उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू, अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, जिला सहकारिता पदाधिकारी नीलम कुमारी, सीएससी मैनेजर मनीष कुमार, कौशल किशोर, सुनील कुमार व एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के प्रतिनिधि सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.
