भवनाथपुर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ''बीमार''

बदहाली. 18 प्रकार की जांच वाली अत्याधुनिक मशीन केमिकल के अभाव में बंद

विजय सिंह, भवनाथपुर (गढ़वा) स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों खुद ”बीमार” है. अस्पताल की बदहाली का आलम यह है कि मरीजों को यहां सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिला रहा है और निजी संचालकों की चांदी कट रही है. जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण गरीब मरीज आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं. जिला मुख्यालय ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ड्यूटी रोस्टर जारी किया है. नियमतः इसे अस्पताल के मुख्य द्वार या सूचना पट्ट पर होना चाहिए था, ताकि मरीजों को पता चल सके कि किस दिन किस डॉक्टर की ड्यूटी है, लेकिन ड्यूटी रोस्टर को गलियारे के ऐसे कोने में लगा दिया है, जहां आम लोगों की नजर ही नहीं पड़ती. अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए 18 प्रकार की जांच वाली अत्याधुनिक सीबीसी मशीन लगायी गयी है, जिससे लिम्फोसाइट, न्यूट्रोफिल आदि जांच होती है. हालांकि दो माह पूर्व मरीजों से जांच के नाम पर अवैध वसूली हो रही थी. जिसे प्रभात खबर ने उजागर किया था. खुलासे के बाद सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ केनेडी ने जांच नि:शुल्क करने का आदेश दिया था. नि:शुल्क जांच शुरू होते ही कुछ दिनों बाद जांच ही बंद कर दी गयी. लैब टेक्नीशियन लाल साहब के अनुसार, केमिकल नहीं होने के कारण जांच ठप है. मजबूरन जांच के लिए मरीजों को बाहर निजी लैब में मोटी रकम देनी पड़ रही है. एक्स-रे मशीन के लिए एक साल में नहीं मिल सका बिजली कनेक्शन स्वास्थ्य केंद्र में लाखों रुपये की डिजिटल एक्स-रे मशीन कमरे में धूल फांक रही है. वहीं स्वास्थ्य केंद्र के ठीक सामने स्थित एक निजी एक्स-रे केंद्र में मरीज पैसे देकर जांच कराने को मजबूर हैं. जानकारी के अनुसरा, मशीन चलाने के लिए अलग बिजली कनेक्शन की जरूरत है, लेकिन बीते एक साल में बिजली का कनेक्शन नहीं मिल सका है. क्या कहते हैं सिविल सर्जन डिजिटल एक्स-रे के लिए बिजली कनेक्शन लेने का प्रयास किया जा रहा है. जल्द ही इसे शुरू करा दिया जायेगा. डॉ जॉन एफ केनेडी, सिविल सर्जन

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Author: Akarsh Aniket

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