अविनाश देव बने झारखंड कुम्हार समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष

अविनाश देव को झारखंड कुम्हार समन्वय समिति का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है। वे समाज को एकजुट करने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए काम करेंगे।

गढ़वा: झारखंड माटी कला बोर्ड के पूर्व सदस्य अविनाश देव को झारखंड कुम्हार समन्वय समिति का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया है. रांची में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में उन्हें समाज को एकजुट कर एक मंच पर लाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी. उनके चयन पर गढ़वा जिले के कुम्हार समाज से जुड़े लोगों ने खुशी जताते हुए बधाई दी. लोगों ने उम्मीद जतायी कि उनके नेतृत्व में समाज की आवाज राज्य स्तर पर और मजबूती से उठेगी.

अविनाश देव के सामने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से संचालित कुम्हार समाज के संगठनों को एक मंच पर लाने की चुनौती होगी. समिति का उद्देश्य समाज को सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत करना तथा आरक्षण, सरकारी योजनाओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को संगठित तरीके से सरकार के समक्ष रखना है.

एकजुटता को बताया समाज की ताकत

अविनाश देव ने कहा कि समाज की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है. अलग-अलग संगठनों और पहचान से ऊपर उठकर कुम्हार समाज को एक मंच पर लाना उनकी प्राथमिकता होगी. सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाने के साथ राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर भी काम किया जायेगा.

समिति की ओर से रांची में राज्य कार्यालय स्थापित करने तथा भविष्य में समाज का अपना भवन बनाने की योजना है. इसमें शिक्षा, रोजगार समेत अन्य कार्यों के लिए रांची आने वाले छात्र-छात्राओं, युवाओं और जरूरतमंद लोगों के ठहरने की व्यवस्था करने का लक्ष्य है.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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