भवनाथपुर. भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं. बुधवार देर शाम सड़क दुर्घटना में घायल युवकों के इलाज के दौरान एंबुलेंस चालक द्वारा प्राथमिक उपचार किये जाने का मामला सामने आया. घटना के बाद घायलों के परिजनों और परिचितों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चिकित्सक की मनमानी का आरोप लगाया.
जानकारी के अनुसार भवनाथपुर में हुई सड़क दुर्घटना में चिराग कुमार और बादल कुमार घायल हो गये थे. परिजन उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भवनाथपुर लेकर पहुंचे. अस्पताल में ड्यूटी पर चलंत चिकित्सा के डॉक्टर फैज अहमद मौजूद थे. इसी दौरान घायलों के साथ आये परिचितों ने हंगामा किया. आरोप है कि काफी देर तक इंतजार के बाद एंबुलेंस चालक भगवान पासवान ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया.
परिजनों ने लगाया कुव्यवस्था का आरोप
घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों में आक्रोश देखा गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की मनमानी चरम पर है. उनका आरोप है कि रात में अक्सर डॉक्टर अस्पताल से गायब रहते हैं और मजबूरी में नर्स या एंबुलेंस स्टाफ को मरीजों को देखना पड़ता है.
अस्पताल कर्मियों के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल दो युवक चिराग कुमार और बादल कुमार को इलाज के लिए लाया गया था. घायलों के साथ काफी संख्या में परिचित अस्पताल पहुंचे थे. उनके हंगामा करने के कारण एएनएम अंचला कुमारी और मीना कुमारी प्रसव कक्ष में चली गयीं. डॉक्टर फैज अहमद ने दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया.
प्रभारी ने कहा- डॉक्टर और नर्स थे मौजूद
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टर और नर्स दोनों मौजूद थे. उन्होंने कहा कि घायलों के साथ आये कुछ परिचित शराब के नशे में हंगामा कर रहे थे. स्थिति देखकर नर्स वहां से अलग हो गयीं, जबकि डॉक्टर फैज अहमद ने घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें रेफर कर दिया.
एंबुलेंस चालक भगवान पासवान ने बताया कि घायलों के साथ आये लोग शराब के नशे में थे. घायलों को रेफर कर दिया गया था, लेकिन मानवता के आधार पर उन्होंने प्राथमिक उपचार के तहत बैंडेज बांध दिया.
घटना को लेकर परिजनों ने विधायक अनंत प्रताप देव से अस्पताल की व्यवस्था और चिकित्सक की कार्यप्रणाली की शिकायत की है. पीड़ित परिजनों ने सिविल सर्जन से मामले की जांच कर दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई करने तथा स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की है.
