गढ़वा: अंबिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा नई रेल लाइन परियोजना के प्रस्तावित अलाइनमेंट में बड़गड़ और भंडरिया को शामिल करने की मांग पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सकारात्मक रुख दिखाया है. उन्होंने शिष्टमंडल को आश्वस्त किया कि दोनों क्षेत्रों को रेल मार्ग से जोड़ने की मांग पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाएगा.
सोमवार को नई दिल्ली स्थित रेल भवन में सांसदों, विधायकों और बरवाडीह-चिरमिरी-अंबिकापुर-बड़गड़-भंडरिया रेलवे लाइन निर्माण संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने रेल मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा. सांसद विष्णु दयाल राम द्वारा साझा की गयी जानकारी के अनुसार, बैठक में चतरा सांसद कालीचरण सिंह, चतरा विधायक जनार्दन पासवान और भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल कुमार सिंह भी मौजूद रहे.
दशकों पुरानी मांग, विकास को मिलेगी गति
शिष्टमंडल ने रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया कि अंबिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा रेल लाइन के वर्तमान प्रस्तावित अलाइनमेंट में बड़गड़ और भंडरिया को शामिल नहीं किया गया है. जनप्रतिनिधियों ने बताया कि यह क्षेत्र अत्यंत पिछड़ा और दूरस्थ है. यहां के ग्रामीण पिछले कई दशकों से रेल सेवा की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित रेल रूट पर दोबारा विचार करते हुए बड़गड़ और भंडरिया को भी इसमें शामिल किया जाए.
रोजगार और व्यापार के रास्ते खुलने की उम्मीद
बैठक में शिष्टमंडल ने कहा कि बड़गड़ और भंडरिया के रेल नेटवर्क से जुड़ने से स्थानीय लोगों का आवागमन आसान होगा. इसके साथ ही व्यापार, रोजगार और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी.
रेल मंत्री की ओर से मांग पर पुनर्विचार के आश्वासन के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों और संघर्ष समिति के सदस्यों में नई उम्मीद जगी है.
