गढ़वा: जिले में राज्य सरकार एवं विभिन्न सरकारी उपक्रमों से संबंधित भू-अर्जन कार्यों की अद्यतन स्थिति को लेकर समाहरणालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने की. इस दौरान विभिन्न अधियाची विभागों की परियोजनाओं, भूमि अधिग्रहण की स्थिति, रैयतों को मुआवजा भुगतान तथा निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी.
बैठक में उपायुक्त ने अधिग्रहित भूमि के एवज में रैयतों को दिए जा रहे मुआवजे की जानकारी ली. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को लंबित मुआवजा राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि रैयतों को किसी तरह की परेशानी न हो. उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाना जरूरी है.
एलपीसी और दस्तावेजों के निष्पादन में देरी न हो
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े अंचल अधिकारियों को निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि भू-अर्जन से संबंधित एलपीसी (लैंड पजेशन सर्टिफिकेट) एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का प्राथमिकता के आधार पर समय पर निष्पादन किया जाए. दस्तावेजों के अभाव में विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-अर्जन से जुड़े सभी लंबित मामलों को ‘टॉप प्रायोरिटी’ में रखते हुए त्वरित निष्पादन करें. साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को समय पर पूरा कराने पर जोर दिया.
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अधिकांश परियोजनाओं का निर्माण कार्य अंतिम चरण में
बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जिले की अधिकांश परियोजनाओं का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. जो कार्य अभी अपूर्ण हैं, वे प्रगति पर हैं और उन्हें भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि रैयतों को मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया भी लगातार जारी है.
बैठक में अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, एनएचएआई के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. वहीं, सभी अंचल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े.
