East Singhbhum News : आदिवासी छात्र संघ ने भागवत का पुतला फूंका

मुसाबनी. संघ ने कहा- आदिवासी हिंदू नहीं हैं

मुसाबनी

. आदिवासी छात्र संघ के जिलाध्यक्ष सुपाई सोरेन के नेतृत्व में संघ के सदस्यों ने रविवार को मुसाबनी बस स्टैंड में आरएसएस के सर संघ चालक मोहन भागवत का पुतला दहन किया. श्री सोरेन के अनुसार, मोहन भागवत ने कहा था कि सरना कोई धर्म नहीं बस एक पद्धति है. इसे अलग धर्म के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. उनके बयान से आदिवासी समाज में आक्रोश है. उन्होंने कहा भागवत खुद हिंदू नहीं है. वह सनातन धर्म को मानते हैं. हिंदू धर्म की आड़ में बाकी गैर सनातन, गैर मुस्लिम, गैर इसाई और छोटे धर्म समूहों को समेटने का प्रयास कर रहे हैं.

सुपाई सोरेन के अनुसार, आदिवासी कभी हिंदू नहीं थे, ना है. हम कभी जबरन थोपे गये धर्म को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा मोहन भागवत आदिवासियों को जबरन हिंदू धर्म में विलयन करने का षड्यंत्र कर रहे हैं. पिछले जनगणना में 50 लाख लोगों ने अपना धर्म सरना अंकित कराया था. इस बार यह आंकड़ा और बढ़ेगा. आदिवासी छात्र संघ हर गांव और मुहल्ले में अभियान चला कर सरना धर्म कोड लिखने के लिए प्रेरित करेगा. उन्होंने कहा केंद्र में भाजपा की सरकार है, ना कि आरएसएस की. भाजपा को मोहन भागवत की बात पर ध्यान दिए बिना आदिवासियों को सम्मान करते हुए आगामी जनगणना में सरना धर्म कोड देना चाहिए. सरना धर्म कोड नहीं होने पर जनगणना का बहिष्कार किया जायेगा. पुतला दहन में पृथ्वी बेसरा, अनंत मुर्मू, एस माडी, कुंवर सोरेन, बुद्धेश्वर मुर्मू, सोनाराम सोरेन, रॉबिन मुर्मू, जानू सोरेन, सतक मुर्मू, राजेश मुर्मू आदि शामिल थे.

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Published by: Akash

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