घाटशिला उपचुनाव में शांतिपूर्ण मतदान के लिए 3 राज्यों की पुलिस चलायेगी संयुक्त अभियान, जादूगोड़ा में हुई बैठक

Ghatshila By Election 2025: पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी पीयूष पांडे ने कहा कि सुरक्षा बलों की तैनाती, रूट मार्च और नाकेबंदी की योजना तैयार है. ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार पैट्रोलिंग की जा रही है. हर थाने को सतर्क किया गया है. उप चुनाव तक सभी थाना अलर्ट रहें. लगातार छापामारी और जांच चलेगी.

Ghatshila By Election 2025: पूर्वी सिंहभूम जिले की घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में शांतिपूर्ण मतदान के लिए झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा पुलिस ज्वाइंट ऑपरेशन चलायेगी. तीनों राज्यों की सीमा पर चेकनाका बनाकर जांच होगी, इसके लिए संयुक्त दल गठित किया जायेगा. जादूगोड़ा के यूसिल भवन परिसर में इंटर स्टेट व इंटर डिस्ट्रिक्ट पुलिस-प्रशासन की बैठक में उक्त निर्णय हुए.

झारखंड, ओडिशा और बंगाल के पदाधिकारियों ने की बैठक

घाटशिला के उत्तर में पश्चिम बंगाल और दक्षिण में ओडिशा राज्य की सीमा है. इसलिए बैठक में 3 राज्यों (झारखंड, पश्चिम बंगाल व ओडिशा) के पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता कोल्हान डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने की. घंटे भर से ज्यादा चली बैठक में उपचुनाव को देखते हुए समन्वय बनाकर काम करने व सूचनाओं के आदान-प्रदान समेत अन्य बिंदुओं पर मंथन हुआ.

  • तीनों राज्यों की सीमा पर चेकनाका बनाकर जांच होगी, संयुक्त दल होगा गठित
  • अवैध शराब, नकद लेन-देन और हथियारों पर सख्त नजर रखने के आदेश
  • सोशल मीडिया से अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी के साथ त्वरित कार्रवाई होगी

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

अधिकारियों ने कहा कि उप चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में कराने के लिए हरसंभव कदम उठाये जायेंगे. सोशल मीडिया से अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी के साथ त्वरित कार्रवाई होगी.

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शराब, नकद, ड्रग्स आदि के अवैध परिवहन पर सख्ती

बैठक में अंतरराज्यीय और अंतर जिला सीमा पर कानून-व्यवस्था और चुनाव प्रभावित करने के लिए शराब, नकद, ड्रग्स, उपहार आदि के अवैध परिवहन पर रोकथाम के लिए सख्ती से कार्रवाई की बात कही गयी. इसके लिए ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वी सिंहभूम जिला के सीमावर्ती थानों में व्हाट्सएप ग्रुप और वायरलेस से सूचनाओं के आदान-प्रदान पर सहमति बनी.

सीमा पर हर वाहन व संदिग्ध लोगों की जांच करें – डीआइजी

कोल्हान डीआइजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने कहा कि डीआइजी ने बताया कि सभी संवेदनशील (वल्नरेबल) और अति संवेदनशील (क्रिटिकल) मतदान केंद्रों की पहचान की जा रही है. ऐसे केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की जायेगी. सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ायें. हर वाहन और संदिग्ध लोगों की जांच करें. प्रत्येक थाना क्षेत्र में इंटेलिजेंस इनपुट को मजबूत करें. उन्होंने यह भी कहा कि धारा 107, वारंट निष्पादन और सीसीए से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी सभी जिलों के बीच साझा की जाये, ताकि असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा सके.

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मतदाताओं को निर्भय वातावरण देना हमारी जिम्मेदारी : डीसी

पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के सभी पोलिंग बूथों की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है. मतदाताओं को निर्भय वातावरण देना हमारी जिम्मेदारी है. सभी अधिकारी समन्वय बनाकर कार्य करें, ताकि अप्रिय घटना न हो.

आचार संहिता उल्लंघन की सूचना पर तत्काल जानकारी दें

उन्होंने कहा कि आचार संहिता के उल्लंघन या किसी अवैध गतिविधि की सूचना मिलते ही तुरंत नियंत्रण कक्ष और वरीय अधिकारियों को जानकारी दें. 2 किमी से ज्यादा दूरी पर कोई बूथ न हो, इसका प्रयास किया गया है. कुछ बीहड़ इलाके में दूरी ज्यादा है. वहां के मतदाताओं को बूथ तक लाने की जिम्मेवारी प्रशासन की होगी. संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती होगी.

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सभी थाना अलर्ट रहें, छापेमारी और जांच करें – एसएसपी

पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी पीयूष पांडे ने कहा कि सुरक्षा बलों की तैनाती, रूट मार्च और नाकेबंदी की योजना तैयार है. ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार पैट्रोलिंग की जा रही है. हर थाने को सतर्क किया गया है. उप चुनाव तक सभी थाना अलर्ट रहें. लगातार छापामारी और जांच चलेगी.

हरसंभव मदद करेगी बंगाल पुलिस

पश्चिम बंगाल के पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि समन्वय बैठक में बनी रणनीति पर सख्ती से काम करेंगे. सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जायेगा और समन्वय बनाकर काम करेंगे. बंगाल पुलिस सीमावर्ती इलाकों में झारखंड पुलिस की हर स्तर पर सहयोग करेगी. बैठक में सरायकेला-खरसावां के डीसी नितिश कुमार सिंह, सरायकेला-खरसावां के एसपी मुकेश लुणायत, पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग, टाटानगर रेल एसपी, पश्चिम बंगाल के आइपीएस आलोक कुमार समेत पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम, पश्चिमी मेदिनीपुर, पुरुलिया और ओडिशा के मयूरभंज जिले के डीसी, एसपी के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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