धालभूमगढ़ : धालभूमगढ़ प्रखंड के नरसिंहगढ़ वन परिसर स्थित कांटाबनी- सिंदूरगौरी जंगल में साल पेड़ काट रहे वन रोपण विभाग के तीन मजदूरों को कांटाबानी वन सुरक्षा समिति की महिलाओं ने पकड़कर घंटों बंधक बनाये रखा. मजदूरों ने महिलाओं के समक्ष अपना पक्ष रखा, इसके बाद उन्हें मुक्त किया गया.
खाली व परती भूमि पर पौधरोपण करें, जंगल काटना गलत: महिलाओं ने बताया कि वे सुबह पांच बजे बच्चों को घर में छोड़ कर जंगल बचाने के लिए निकलती हैं. वन रोपण विभाग के अधिकारी समिति को बिना सूचना दिये साल वृक्ष काट रहे थे. महिला सदस्यों ने बताया कि लगभग तीन ट्रक साल लकड़ी काट कर बेची गयी है. प्राकृतिक साल पेड़ काट कर, अकाशिया, फलदार वृक्ष रोपण करने का विरोध करेंगे. वन रोपण विभाग खाली भूमि और परती भूमि पर पौधरोपण करे.
पेड़ कटाई की जायेगी तो गांव के मजदूरों को रोजगार नहीं मिलेगा. साल पेड़ पातन कर वन रोपण करने के षड्यंत्र को प्रादेशिक विभाग के पदाधिकारियों से शिकायत की जायेगी. हमें रेंजर ने भेजा था : मजदूर : बंधक बने मजदूर अमित महतो, सुधीर महतो और स्वपन महतो ने बताया कि वन रोपण के रेंजर संजय कुमार सिंह ने उन्हें काटांबनी सिंदूरगौरी क्षेत्र में भेजा था. इस क्षेत्र में 35 हेक्टेयर पर आरडीएफ योजना से वन रोपण करना है. वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग प्रादेशिक के प्रभारी वन परिसर पदाधिकारी रासाई पड़ैया ने दूरभाष पर बताया कि वन रोपण की ओर से कांटाबनी क्षेत्र में पौधा रोपण की सूचना नहीं है.
गांव जाकर समिति की सदस्यों से बात करेंगे. कमजोर व खराब साल पेड़ों को काटना है : संजय : वन रोपण के वन क्षेत्र पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने दूरभाष पर बताया कि समिति के सदस्य आरडीएफ योजना नहीं समझ रही हैं. साल के एक सूट से चार पेड़ निकलते हैं. एक को रखकर खराब और कमजोर पेड़ों को काटना है. कांटाबनी और सिंदूरगौरी क्षेत्र में आरडीएफ योजना की सूचना करीब एक माह पहले सभी को दी गयी है.
