मुसाबनी. एचसीएल के मुसाबनी कंसंट्रेटर संयंत्र में स्थानीय युवाओं और पूर्व कर्मचारियों के आश्रितों की बहाली की मांग पर प्रदर्शन किया. प्रखंड प्रमुख रामदेव हेंब्रम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने माइंस गेट को अनिश्चितकालीन जाम कर दिया. ऐसे में प्लांट में मालवाहक वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया. रात करीब 8:00 बजे वार्ता के लिए लिखित आमंत्रण मिलने के बाद आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की गयी. जानकारी के अनुसार, जाम स्थल पर एचसीएल के पदाधिकारी पहुंचे. करीब आधे घंटे तक वार्ता के बाद बहाली के मुद्दे को लेकर 6 अप्रैल, 2026 की शाम 4:00 बजे मऊभंडार जनरल ऑफिस में वार्ता के लिए लिखित आमंत्रण एच आर साकेत कुमार ने दिया. इसके बाद प्रखंड प्रमुख ने गेट जाम आंदोलन को शाम करीब 8:15 बजे स्थगित करने की घोषणा की.
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन:
प्रमुख ने कहा कि जब तक प्रबंधन लिखित या ठोस आश्वासन नहीं देता है, तब तक अनिश्चितकालीन गेट जाम आंदोलन जारी रहेगा. आंदोलन में पूर्व पार्षद सुखलाल हेंब्रम, पंचायत समिति सदस्य अनीता सागर, यूनियन नेता शमशेर खान और भारतीय मजदूर संघ के जिला संगठन सचिव वीर बहादुर सिंह सहित बाबू गोप, मुकेश सिंह, निशित पातर, रवि सिंह, चंदन शर्मा और अजय प्रसाद आदि ने सक्रिय भूमिका निभायी.ग्रामसभा की सहमति से होगी बहाली : एजीएम
शुक्रवार की दोपहर एचसीएल के एजीएम साकेत कुमार जाम स्थल पर पहुंचे. आंदोलनकारियों से वार्ता की. उन्होंने आश्वासन दिया कि पेसा अधिनियम से ग्रामसभा की सहमति लेकर बहाली प्रक्रिया आगे बढ़ायी जायेगी. हालांकि, आंदोलनकारी तत्काल ठोस पहल की मांग पर अड़े रहे.वीआरएस के नाम पर कई की नौकरी छीन ली :
प्रखंड प्रमुख रामदेव हेंब्रम ने कहा कि एचसीएल ने वीआरएस के नाम पर असमय कई कर्मचारियों की नौकरी छीन ली, जिससे उनके परिवार आज बदहाली की स्थिति में हैं.ग्रामीणों की मांगें
– मुसाबनी प्लांट में बहाली प्रक्रिया शीघ्र शुरू कर स्थानीय बेरोजगारों को प्राथमिकता दी जाये.– प्लांट प्रभावित क्षेत्र के युवाओं और पूर्व कर्मचारियों के आश्रितों को रोजगार मिले.
– कंपनी सीएसआर मद से क्षेत्र में सड़क, स्ट्रीट लाइट और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करे.