मुसाबनी : सबर टोला की नाबालिग से दरिंदगी के बाद 26 नवंबर 15 को हत्या कर लाश झाड़ियों में फेंक दी गयी थी. घटना के बाद विभिन्न दल के लोगों और प्रशासन ने पीड़ित परिवार को मदद और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया था.
तत्कालीन एसडीओ, डीएसपी, सीओ ने पीड़िता के पिता कान्हू सबर, मां केसरी सबर को आवास, राशन कार्ड, वोटर कार्ड समेत तमाम सुविधा देने का वादा किया था. डीएसपी अजीत कुमार विमल ने कान्हू सबर को आइआरएल में नौकरी लगा दी थी. तीन जून को आइआरएल बंद होने से कान्हू बेरोजगार हो गया. वह जलावन लकड़ी बेचकर गुजारा कर रहा है. प्रशासन का वादा आज भी पूरा नहीं हुआ. कान्हू सबर अपने छह बच्चों को लेकर उसी जर्जर इंदिरा आवास में रह रहे हैं.
अब भी राशन कार्ड, वोटर कार्ड तथा आधार कार्ड नहीं बना है. चौकीधार विश्वजीत भकत के अनुसार बच्ची की हत्या के मामले में दो युवक छुटका गोप, धानो टुडू को पुलिस जेल भेजा है. केस में अब भी गवाही नहीं हुई है. परिवार को आर्थिक लाभ देने की बात थी. लेकिन समय पर बैंक खाता नहीं होने के कारण सहायता सरकार से नहीं मिल पायी.
