अब तक मात्र 10 प्रतिशत ही हो पायी है रोपाई
क्षेत्र में रोपाई का समय 15 जुलाई से अगस्त तक
गालूडीह : पूर्वी सिंहभूम जिला कृषि विभाग ने इस खरीफ मौसम में 1.10 लाख हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है. परंतु पूरे क्षेत्र में समान रूप से वर्षापात नहीं होने के कारण जिले में अब तक मात्र 9 से 10 प्रतिशत ही रोपाई हो पायी है. जिला कृषि पदाधिकारी कालीचरण महतो ने कहा कि पिछले आठ-दस वर्षों से मॉनसून देर से आ रहा है तथा उसके बाद भी हर जगह समान रूप से वर्षा नहीं हो रही है, जिसके कारण रोपाई देर तक चलती है. दारीसाई के मौसम वैज्ञानिक विनोद कुमार ने बताया कि इस क्षेत्र में धान की रोपाई का सही समय 15 जुलाई से अगस्त तक है. इसके बाद रोपाई करने पर उत्पादन में कमी आयेगी.
कम अवधि वाली किस्में उगायें किसान: जिला कृषि पदाधिकारी ने जिले के किसानों को देर से रोपाई के लिए कम अवधि वाले सहभागी या ललाट किस्म के धान बीजों के प्रयोग की सलाह दी. उन्होंने बताया कि उक्त प्रजाति के धान की फसल 125 दिनों में तैयार हो जाती है, जबकि सुवर्णा किस्म की फसल तैयार होने में 145 से 150 दिन लगते हैं. जून में हुई मात्र 131 मिमी वर्षा :दारीसाई मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस वर्ष जून में मात्र 131 मिमी वर्षा हुई, जबकि जून माह में यहां औसत 219 मिमी वर्षा होती है. इससे पूर्व मई में औसत से कई गुणा अधिक करीब 200 मिमी वर्षा दर्ज की गयी, लेकिन वह किसानों के किसी काम की नहीं. मई में औसतन 63 मिमी वर्षा होती रही है. मौसम वैज्ञानिक विनोद कुमार ने बताया कि विगत वर्ष भी देर से वर्षा होने के कारण धान की खेती प्रभावित हुई थी.
अगस्त16 में हुई थी 399.4 मिमी बारिश
दारीसाई मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016 में अगस्त और सितंबर में रिकार्ड वर्षा हुई थी. अगस्त में 399.4 और सितंबर में 370.7 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी, जबकि अगस्त में औसत 256 और सितंबर में 184मिमी वर्षा होती है. वर्ष 2016 के मई माह में 134.6, जून में 112.6 और जुलाई में 189.8 मिमी ही वर्षा हुई थी, जबकि जून और जुलाई में क्रमश: 219 और 302 मिमी औसत वर्षा होती है.
