संत क्लारेट विद्यालय में धूमधाम से मना हिंदी दिवस, ज्ञान प्रतियोगिता में हरा दल अव्वल

संत क्लारेट विद्यालय में हिंदी दिवस धूमधाम से मना. छात्रों ने भाषण, कविता और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में उत्साह दिखाया. जानें किसने मारी बाजी.

संवाददाता, दुमका: सदर प्रखंड क्षेत्र के संत क्लारेट विद्यालय नीमपहाड़ी बासमत्ता में सोमवार को हिंदी दिवस हर्षोल्लास और गरिमामय माहौल में मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रसिद्ध पंक्तियों ‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल, बिन निज भाषा के, मिटत न हिय को शूल’ के स्मरण के साथ हुई. समारोह विद्यालय के प्रधानाध्यापक फादर अन्तोनिस लकड़ा तथा हिंदी शिक्षक मुनिलाल मरांडी, सोनिया कुजूर सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की देखरेख में आयोजित हुआ.

वक्ताओं ने हिंदी को भारतीय संस्कृति, परंपरा, सभ्यता और राष्ट्रीय एकता का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया.

सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में हरा दल रहा अव्वल

हिंदी भाषा की अस्मिता, गरिमा और सम्मान को बनाए रखने के उद्देश्य से विद्यार्थियों के बीच हिंदी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गयी. प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए हरा दल ने प्रथम स्थान हासिल किया. वहीं लाल, नीला और पीला दल समान अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे.

भाषण और कविता से दिया आत्ममंथन का संदेश

प्रतियोगिता के अलावा विद्यार्थियों अभिनाश मरांडी, अर्चना मरांडी, प्रिया हेम्ब्रम और रेशमी हेम्ब्रम ने भाषण व कविताओं की प्रस्तुति दी. विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अंग्रेजी की अंधी दौड़ और दैनिक जीवन में हिंदी बोलने को लेकर महसूस की जाने वाली झिझक पर कटाक्ष किया.

उन्होंने संदेश दिया कि केवल 14 सितंबर को हिंदी का सम्मान करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे जीवन के हर दिन अपनाने और सहेजने की जरूरत है. विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को हिंदी के प्रति अपने नजरिये पर आत्ममंथन करने के लिए प्रेरित किया.

हर क्षेत्र में बढ़ी है हिंदी की उपयोगिता : प्रधानाध्यापक

समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक फादर अन्तोनिस लकड़ा ने कहा कि हिंदी समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. यह केवल भाषा नहीं, बल्कि बोलचाल, रोजी-रोटी, आपसी संवाद और दैनिक कामकाज का आधार है. वर्तमान समय में खेल, विज्ञापन, तकनीक, व्यापार, शिक्षा, संचार और सरकारी कार्यालयों में हिंदी की उपयोगिता लगातार बढ़ी है.

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नदियां और सड़कें गांवों, शहरों, राज्यों और देशों को जोड़ती हैं, उसी प्रकार हिंदी भी अलग-अलग जाति, धर्म और संस्कृति के लोगों को एकता के सूत्र में बांधने का काम करती है. उन्होंने सभी से हिंदी के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने और दैनिक जीवन में इसे सम्मान देने का आह्वान किया. कार्यक्रम का समापन हिंदी के सम्मान से जुड़े नारों के साथ हुआ.

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By Anand Jayswal

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