हंसडीहा। श्रावणी मेले की तीसरी सोमवारी पर हंसडीहा में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला. बाबा बासुकिनाथ के दरबार में सीधे प्रवेश कर जलाभिषेक करने की चाह में डाकबमों का सैलाब उमड़ पड़ा. हंसडीहा स्थित डाकबम टोकन वितरण शिविर से 13 हजार से अधिक डाकबमों को टोकन दिया गया.
बोलबम के जयघोष से गूंजता रहा हंसडीहा
सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग डाकबमों के स्वागत और सेवा के लिए जुटे रहे. बोलबम के जयघोष, डीजे पर बज रहे भक्ति गीत और हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा इलाका भक्तिमय हो उठा. हंसडीहा की सड़कें केसरिया रंग में रंगी नजर आयीं. श्रद्धालुओं की भीड़ देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे पूरा हंसडीहा भोलेनाथ की भक्ति में निकली विशाल यात्रा में बदल गया हो.
कहीं शर्बत तो कहीं दवा, सेवा में जुटे लोग
डाकबमों और कांवरियों की सेवा के लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाये गये . शिविरों में श्रद्धालुओं को ठंडा व गर्म पानी, चाय, कॉफी, शर्बत, फल, मिठाई, लस्सी और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करायी गई. स्थानीय लोग भी पूरे उत्साह के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे.
रात से सुबह तक पहुंचते रहे डाकबम
हंसडीहा में रात करीब 10 बजे से डाकबमों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात से लेकर सुबह तक जारी रहा. डाकबमों और कांवरियों के जत्थे सुमेश्वरनाथ, सिरसानाथ, बालेश्वरनाथ, धनेश्वरनाथ और छोटी रनबहियार स्थित शिवालयों में जलार्पण के लिए भी गुजरते रहे. श्रद्धालुओं के उत्साह को बढ़ाने के लिए विभिन्न स्थानों पर भक्ति जागरण और आकर्षक झांकियों का आयोजन भी किया गया.
भीड़ के बीच मुस्तैद रहा पुलिस-प्रशासन
डाकबमों, कांवरियों और मोटरसाइकिल बमों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. हंसडीहा चौक सहित प्रमुख मार्गों पर प्रशासनिक व्यवस्था की निगरानी बीडीओ सह अंचलाधिकारी राहुल कुमार शानू ने की. सुरक्षा व्यवस्था में हंसडीहा सर्किल इंस्पेक्टर प्रियंका आनंद, थाना प्रभारी अजीत कुमार यादव, पुलिस बल, चौकीदार और स्थानीय लोग सक्रिय रहे.
भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित आगे बढ़ाने के लिए पुलिस लगातार गश्त करती रही.
