भागलपुर के उत्तरवाहिनी गंगा घाट से गंगाजल लेकर बाबा बासुकिनाथ धाम जाने वाले डाकबमों की भारी भीड़ रविवार तड़के हंसडीहा रेलवे स्टेशन पर उमड़ पड़ी. सुबह से ही स्टेशन परिसर श्रद्धालुओं और डाकबमों से पट गया. भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा के लिए पर्याप्त रेल पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखी, जिससे स्टेशन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए.
भीड़ इतनी अधिक थी कि कई श्रद्धालु रेल इंजन तक पहुंच गए. एक डाकबम इंजन पर भी चढ़ गया, जिससे लोको पायलट और गार्ड को परेशानी का सामना करना पड़ा. बताया गया कि गोड्डा-मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट के गार्ड और लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर से आरपीएफ जवानों को भेजने का अनुरोध किया.
जानकारी के अनुसार, हंसडीहा रेलवे स्टेशन पर डाकबमों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी. इसके बावजूद ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने के समय मौके पर पर्याप्त पुलिस बल नजर नहीं आया. परिणामस्वरूप भीड़ को नियंत्रित करने में रेलकर्मियों को काफी परेशानी हुई.
डाकबमों की भारी भीड़ के कारण मुंबई जाने वाली एलटीटी सुपरफास्ट ट्रेन हंसडीहा स्टेशन पर करीब 40 मिनट तक रुकी रही. इस दौरान यात्रियों और रेलकर्मियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही. आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को भी अपनी सीट तक पहुंचने में काफी कठिनाई हुई.
हर वर्ष तीसरी सोमवारी को हंसडीहा में डाकबमों की भारी भीड़ जुटती है. प्रशासन की ओर से शिविर लगाकर टोकन वितरण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्था की जाती है. वहीं, डाकबमों की भीड़ के कारण हंसडीहा बाजार और मुख्य मार्ग पर भी जाम की स्थिति बनती है, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस-प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ती है.
ऐसे में रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पहले से पुख्ता इंतजाम किए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति में रेल परिचालन प्रभावित न हो और यात्रियों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
