आनंद जायसवाल की रिपोर्ट
दुमका. 80 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को उपराजधानी दुमका के पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झंडोत्तोलन किया. इससे पहले उन्होंने संयुक्त परेड गारद का निरीक्षण किया. अपने संबोधन में राज्यपाल ने झारखंड के विकास, युवाओं, किसानों, महिलाओं, जनजातीय समाज, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा.
राज्य और देश का भविष्य युवाओं के हाथ में
राज्यपाल संतोष कुमार ने कहा कि इस राज्य और देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है. राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के पूरे अवसर देने होंगे. जनजातीय एवं वंचित समाज के विकास को प्राथमिकता देनी होगी तथा युवाओं के सपनों, प्रतिभा एवं परिश्रम का सम्मान करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के हरसंभव अवसर उपलब्ध कराने होंगे.
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लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी
राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है. योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाना, प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेह बनाना और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाना सुशासन की मूल पहचान है. तकनीक और डिजिटल व्यवस्था के बेहतर उपयोग से सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाया जा रहा है.
संताल परगना के सभी जिले बनेंगे एक्सपोर्ट हब
राज्यपाल ने संताल परगना के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही. उन्होंने बताया कि संताल परगना के सभी जिलों को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है. निर्यात योग्य उत्पादों को चिह्नित किया गया है और इसके प्रभावी अनुश्रवण के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में विशेष समिति का गठन किया गया है. उन्होंने संताल परगना के युवाओं से स्थानीय संसाधनों और अपनी प्रतिभा को उद्यमिता से जोड़कर नए अवसर पैदा करने का आह्वान किया.
मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना पांच वर्षों में लागू होगी
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा. इसके माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों और चिकित्सा महाविद्यालयों तक स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा.
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झारखंड की समृद्धि का आधार मेहनतकश किसान
किसानों को राज्य की समृद्धि का आधार बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की समृद्धि हमारे मेहनतकश किसानों पर टिकी है. किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए धान अधिप्राप्ति व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है. खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में निर्धारित छह लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध करीब पांच लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई है. अधिप्राप्त धान का शत-प्रतिशत मूल्य भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ 81 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस भी दिया जा रहा है.
युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है. रोजगार को केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए. निजी क्षेत्र, उद्योग, कृषि, पर्यटन, सेवा क्षेत्र और स्वरोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. युवाओं को स्टार्टअप, स्वरोजगार और छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.
परीक्षा की निष्पक्षता जरूरी
प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर राज्यपाल ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में प्रश्नपत्र लीक, कदाचार अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती. ऐसी घटनाएं मेहनत और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों के मनोबल और भविष्य को प्रभावित करती हैं. उन्होंने परीक्षा प्रणाली की कमियों की समीक्षा कर उन्हें दूर करने और अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपेक्षा जतायी.
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इससे महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है. इससे महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और उनमें उद्यमिता की भावना विकसित हो रही है. उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक स्वावलंबी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाने की बात कही.
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी
राज्यपाल ने झारखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य केवल खनिजों की धरती नहीं है, बल्कि घने जंगलों, पहाड़ों, झरनों, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध है. इको-टूरिज्म योजना के तहत 13 स्थानों पर पार्कों का निर्माण कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी है. राज्यपाल ने अंत में लोगों से देश और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नए विचार झारखंड को विकास की नई दिशा दे सकते हैं. बेटियों, जनजातीय एवं वंचित समाज तथा युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराकर ही मजबूत और विकसित झारखंड का निर्माण किया जा सकता है.
