खबर का असर: दुमका के तुर्कापहाड़ी पहाड़िया बस्ती में पहुंचा पानी का टैंकर, ग्रामीणों को मिली राहत

Dumka News: तुर्कापहाड़ी गांव की पहाड़िया बस्ती में पेयजल संकट को लेकर प्रकाशित खबर का असर हुआ है. दुमका जिले के काठीकुंड प्रखंड के तुर्कापहाड़ी गांव में पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय की परेशानी को उठाए जाने के बाद दुमका उपायुक्त ने मामले का संज्ञान लिया. दुमका उपायुक्त के निर्देश पर प्रशासन ने बस्ती में पानी का टैंकर भेजकर ग्रामीणों को तत्काल राहत पहुंचाई.

दुमका से अभिषेक की रिपोर्ट

Dumka News: झारखंड के दुमका जिले के काठीकुंड प्रखंड के तुर्कापहाड़ी गांव की पहाड़िया बस्ती में व्याप्त पेयजल संकट को लेकर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है. खबर प्रकाशित होने के बाद दुमका उपायुक्त ने मामले का संज्ञान लेते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी को तत्काल पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्रभावित बस्ती में पानी की आपूर्ति कराई गई. 

पहाड़िया बस्ती में भेजा गया पानी का टैंकर 

उपायुक्त के निर्देश पर बीते रविवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी सौरव कुमार ने बिछियापहाड़ी पंचायत के मुखिया के साथ समन्वय स्थापित करते हुए तुर्कापहाड़ी पहाड़िया बस्ती में पानी का टैंकर भेजा. टैंकर पहुंचने के बाद लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों को राहत मिली. ग्रामीणों ने बर्तनों में पानी भरा और प्रशासनिक पहल पर संतोष जताया. गौरतलब है कि तुर्कापहाड़ी गांव में आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के 20 से अधिक परिवार निवास करते है.  

एक किलोमीटर दूर पानी लाने को थे मजबूर 

पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक पुराने कुएं से पानी लाने को मजबूर थे. कुएं में भी पानी की मात्रा काफी कम हो जाने से एक घड़ा पानी भरने में घंटों लग जाते थे. जल संकट के कारण ग्रामीणों के दैनिक जीवन के साथ-साथ आवास निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे थे. 

स्थायी समाधान की उठी मांग 

खबर सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से फिलहाल ग्रामीणों को राहत मिली है. हालांकि, ग्रामीणों ने बस्ती में चापाकल, सोलर आधारित जलापूर्ति योजना अथवा अन्य स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग की है, जिससे कि भविष्य में उन्हें फिर से पानी की परेशानी का सामना न करना पड़े. ग्रामीणों ने कहा कि उनकी समस्या पर प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेना स्वागतयोग्य कदम है. अब उन्हें उम्मीद है कि अस्थायी व्यवस्था के साथ-साथ स्थायी समाधान की दिशा में भी जल्द पहल की जाएगी.

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Published by: Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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