Dumka Accident, दुमका (आनंद जायसवाल की रिपोर्ट): दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड में बुधवार को बाइक की रफ्तार ने दो हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन लीं. घटना रामगढ़-चंद्रदीप वाया सिंदुरिया मुख्य मार्ग की है, जहां कनिया जमाई गांव के समीप एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर भीषण हादसे का शिकार हो गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पर सवार दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. मृतकों की पहचान रामगढ़ थाना क्षेत्र के कोनापाथर गांव निवासी फूल बाबू मड़ैया और गोड्डा जिला निवासी उनके बहनोई एतवारी मड़ैया के रूप में की गई है. इस दोहरे हादसे के बाद दोनों घरों में कोहराम मच गया है.
तेज आवाज सुनकर दौड़े ग्रामीण, सड़क पर फैल गया खून
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, फूल बाबू और एतवारी बिना नंबर की सफेद रंग की बिल्कुल नई बजाज पल्सर बाइक पर सवार होकर कोनापाथर गांव से किसी काम के सिलसिले में रामगढ़ बाजार की तरफ जा रहे थे. जैसे ही उनकी बाइक कनिया जमाई गांव के पास पहुंची, रफ्तार अत्यधिक होने के कारण चालक का गाड़ी पर से नियंत्रण खो गया और बाइक सीधे दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे की वजह से इतनी जोरदार आवाज आई कि आसपास के ग्रामीण और खेतों में काम कर रहे लोग बदहवास होकर घटना स्थल की ओर दौड़े. सड़क पर दूर-दूर तक खून के छींटे पड़े थे और दोनों युवक अचेत अवस्था में मिले. ग्रामीणों ने इंसानियत दिखाते हुए तुरंत एक निजी वाहन का इंतजाम किया और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रामगढ़ ले गए. हालांकि, अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही दोनों को मृत घोषित कर दिया.
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कुछ ही दिन पहले सिर पर सजा था सेहरा, उजड़ गया सुहाग
इस हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि मृतक एतवारी मड़ैया की शादी कुछ ही दिन पहले संपन्न हुई थी. अभी घर में शादी की खुशियों का माहौल पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि इस हादसे ने उनके सुहाग को उजाड़ दिया. एतवारी के ससुर हराधन मड़ैया गोड्डा में राजमिस्त्री का काम करते हैं. अस्पताल परिसर में जैसे ही दोनों शवों को परिजनों के सामने लाया गया, मां-बाप, बहन और पत्नी दहाड़ मारकर रोने लगे, जिससे पूरा माहौल अत्यंत गमगीन हो उठा. साला-बहनोई की एक साथ अर्थी उठने की खबर से कोनापाथर सहित पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.
परिजनों ने नहीं कराया पोस्टमार्टम
सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना पुलिस की टीम अस्पताल और घटना स्थल पर पहुंची. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों शवों को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए दुमका जिला अस्पताल भेजने की तैयारी की, लेकिन शोकाकुल परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी नहीं हुए. इसके बाद पुलिस ने परिजनों के लिखित अनुरोध और अनापत्ति के आधार पर अप्राकृतिक मौत (UDR) का मामला दर्ज कर दोनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया. इधर, कनिया जमाई गांव के समीप लगातार हो रही दुर्घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस खतरनाक मोड़ पर तुरंत स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक), रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटना न हो.
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