दुमका. उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में गुरुवार को मादक पदार्थों की तस्करी एवं दुरुपयोग की रोकथाम को लेकर जिला एनकॉर्ड समिति की बैठक हुई. बैठक में जिले में मादक पदार्थों की वर्तमान स्थिति, तस्करी से जुड़ी चुनौतियों तथा रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गयी. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए समन्वित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
मादक पदार्थों की मांग कम करने पर जोर
उपायुक्त ने मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने के लिए चलायी जा रही गतिविधियों की नियमित निगरानी और समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने जमीनी स्तर पर नशीले पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की पहचान कर संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया.
तस्करी नेटवर्क के स्रोत से वितरण चैनल तक होगी कार्रवाई
बैठक में जिले में सक्रिय मादक पदार्थों के नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. ड्रग तस्करी नेटवर्क के स्रोत, बिचौलियों और वितरण चैनलों की स्पष्ट पहचान कर पूरे नेटवर्क को लक्षित करते हुए कार्रवाई करने पर जोर दिया गया. उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सूचना तंत्र मजबूत करने का निर्देश दिया. उन्होंने अवैध अफीम की खेती की पहचान कर उसके विनष्टीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा. मादक पदार्थों की अवैध खेती, तस्करी और बिक्री से जुड़े मामलों में सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई का भी निर्देश दिया गया.
शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर दायरे में सख्ती
बैठक में जिले के शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को प्रभावी रूप से ड्रग-फ्री जोन के रूप में लागू करने पर बल दिया गया. विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता शिविर आयोजित करने के साथ स्वैच्छिक चिकित्सीय जांच की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया. चिन्हित छात्रों की काउंसलिंग तथा आवश्यकता के अनुसार पुनर्वास के लिए रेफरल प्रणाली विकसित करने पर भी चर्चा हुई.
होटल, रेस्टोरेंट और बाजारों में चलेगा विशेष जांच अभियान
होटल, रेस्टोरेंट, बाजार एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री और सेवन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया. संबंधित विभागों एवं पुलिस को आपसी समन्वय के साथ नियमित निगरानी रखने का निर्देश दिया गया.
जेलों से संचालित संभावित नेटवर्क पर भी नजर
बैठक में कारा प्रशासन की भूमिका की भी समीक्षा की गयी. जेलों से संचालित होने वाले संभावित ड्रग नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा बंदियों की गतिविधियों की सुदृढ़ निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश कारा अधीक्षक को दिया गया.
बैठक में कारा अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी समेत संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे.
