विडंबना. प्रखंड क्षेत्र की कई पुलिया बनी जानलेवा, दर्जनों लोग हो चुके हैं घायल
मसलिया : प्रखंड के ग्रामीण पथों की बदहाली पर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नजर नहीं जा रही है. कई पथों पर पुलिये इस कदर क्षतिग्रस्त हो गये हैं कि उससे चौपहिया वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है. दोपहिया वाहन चालक आये दिन हादसे का शिकार बन रहे हैं. ऐसा नहीं है कि ये पुलिये किसी अंग्रेज जमाने के बने हुए थे. इन पुलियों का निर्माण एक दशक के अंदर ही हुआ है. रांगा पंचायत के लताबड़-बेलझाड़ गांव के बीच स्वास्थ्य उपकेंद्र के समीप ध्वस्त पुलिया से अब तक दर्जन भर राहगीर दुर्घटना के शिकार हो चुके हैं. पुलिया के बीच ढलाई ध्वस्त हो चुका है और उसके छड़ दिखाई दे रहे है़ं इस पथ से कोई भारी वाहन नहीं गुजरता. सांसद आदर्श पंचायत रहने के बावजूद इस पुलिया की बदहाली दूर नहीं हो रही है.
वहीं हथियापाथर पंचायत के मोहनपुर-इसमाला पक्की पथ पर गोड़माला गांव के बीच ध्वस्त पुलिया जानलेवा बन चुकी है. वार्ड सदस्या तनुजा साहा, गौतम कुमार साहा, निमाई चन्द्र मंडल, वासुदेव साहा, सुखेन राय आदि ने बताया कि जवाहर रोजगार योजना मद से इस पुलिया निर्माण का निर्माण हुआ था़ दो साल पहले 2014 में यह पुलिया ध्वस्त हो गया. हर दिन इस रास्ते से सैकड़ों साइकिल, मोटरसाइकिल आती-जाती है.
इधर आमगाछी पंचायत के तिलाबाद-धोबना गांव के बीच ध्वस्त पुलिया निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल रही है. करीब पांच साल पहले शिकारपुर चौक से धोबना गांव तक चार किमी पथ के पक्कीकरण के कार्य के समय क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा पुलिया निर्माण कार्य भी किया गया था़ पुलिया का कार्य अति घटिया रहने के कारण इस रास्ते में पुलिया बनाये जाने का फायदा नहीं हुआ.
रांगा के लताबड़-बेलझाड़ स्वास्थ्य उपकेंद्र समीप क्षतिग्रस्त पुलिया पर दर्जन भर लोग हो चुके हैं घायल
मोहनपुर-इसमाला पक्की पथ पर गोड़माला की पुलिया जर्जर
