Dumka Crime News, दुमका (संजीत मंडल की रिपोर्ट): दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत मटिहानी गांव से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां रिश्तों में बढ़ती हिंसा और दहेज की लालसा ने एक बेगुनाह जिंदगी को दुनिया में आने से पहले ही खत्म कर दिया. पीड़िता बुलबुल कुमारी के अनुसार, दहेज को लेकर शुरू हुआ विवाद शारीरिक प्रताड़ना तक पहुंच गया और अंततः उनके तीन महीने के गर्भस्थ शिशु की मौत का कारण बना.
समझौता और बॉन्ड भी रहे बेअसर
बुलबुल की शादी 2023 में गोड्डा के पोड़ैयाहाट निवासी सनोज कुमार दास से हुई थी. शादी के कुछ समय बाद ही दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाने लगा. मामला पोड़ैयाहाट और दुमका महिला थाना तक भी पहुंचा, जहां पति से भविष्य में ऐसी हरकत न करने का बॉन्ड भी भरवाया गया. लेकिन आरोपी सनोज पर कानून का कोई खौफ नहीं दिखा और वह लगातार बुलबुल के साथ मारपीट करता रहा.
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कमरे में बंद कर रातभर की पिटाई
घटनाक्रम के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 की रात आरोपी पति ने विवाद के दौरान बुलबुल की बेरहमी से पिटाई की और उसे रातभर कमरे में कैद रखा. अगले दिन जब पीड़िता के पिता वहां पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, तो अल्ट्रासाउंड व जांच में पता चला कि कोख में पल रहे तीन महीने के शिशु की मौत हो चुकी है. इस खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है.
पुलिस की कार्रवाई और उठते सवाल
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस अब आरोपी पति से पूछताछ कर रही है और सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी में है. यह घटना समाज और प्रशासन के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है कि क्या केवल कानूनी कागजों पर ‘बॉन्ड’ भरवा लेने से बेटियों की जान सुरक्षित रह पाएगी.
