रोष. झारखंड आंदोलनकारियों का केंद्रीय सम्मेलन आयोजित, वक्ताओं ने कहा
दुमका : झारखंड आंदोलनकारियों का केंद्रीय सम्मेलन उपराजधानी दुमका के इंडोर स्टेडियम में बुधवार को आयोजित हुआ, आंदोलनकारियों को सरकार के स्तर से मान-सम्मान नहीं दिये जाने पर आक्रोश जताया गया तथा सरकार से आयोग द्वारा चिह्नित आंदोलनकारियों को 15 नवंबर 2016 तक सम्मान समारोह आयोजित कर सम्मानित करने की मांग की गयी. साथ ही साथ लंबित सभी आवेदनों को अविलंब निष्पादित करने, शहीदों के आश्रितों को सम्मान राशि देने, उन्हें बोर्ड, निगम, प्रखंड व पंचायत इकाइयों में स्थायी पदेन सदस्य बनाने तथा स्वतंत्रता सेनानियों के अनुरूप चिकित्सा एवं यात्रा की सुविधा प्रदान करने की मांग रखी गयी.
झारखंड आंदोलनकारियों के केंद्रीय सम्मेलन को संबोधित करते नेता व उपस्थित आंदोलनकारी.
बनायी गयी आंदोलन की रणनीति
आयोजित महासम्मेलन में अक्तूबर महीने के द्वितीय पखवारे से चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनायी गयी. प्रखंड से लेकर प्रमंडल स्तर तक धरना प्रदर्शन किया जायेगा और सरकार पर दवाब बनाने की कोशिश की जायेगी और अंत में रांची में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जायेगा. जब तक सारी मांगें पूरी नहीं हाेती और सम्मान नहीं मिलता तब तक क्रमिक आंदोलन किया जाता रहेगा.
आंदोलनकारियों के केंद्रीय महासम्मेलन में इन सभी ने रखे अपने विचार
आंदोलनकारियों के केंद्रीय महासम्मेलन में झारखंड आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष नंदलाल सोरेन, उपाध्यक्ष रामजीवन सिंह, कोषाध्यक्ष अरुण मंडल, सतीश सोरेन, सुप्रियो दास गुप्ता, बाबूराम मुर्मू, जितेंद्र सिंह, दिलीप दत्ता, अशोक मर्मू, सुकदेव हेंब्रम, देवघर के अनिल टुडू, गोपाल मंडल, शंकर टुडू, उमानाथ कोल, लक्ष्मण मंडल, बोड़ो सोरेन, सोनालाल हेंब्रम, भैया हांसदा, गोड्डा के सोनाराम सोरेन, मीरा देवी आदि ने अपने विचारों को रखा.
