दलाही : मसलिया सहित आसपास के क्षेत्र में करमा पर्व काफी धूमधाम से मनाया गया.भाई बहन के पवित्र रिश्ते का इस पर्व का झारखंड में एक विशेष महत्व है.आदिकाल से प्रकृतिपर्व करमा को धुमधाम से मनाते आ रहे हैं. करमा पर्व भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है. सोमवार को करमेतियों ने दिन भर उपवास रखा और रात को घर के आंगन में करम डाल गाड़कर करम देव की विधिवत पूजा आर्चना की. मौके पर बहनों ने भाइयों के लंबी उम्र की कामना की. पर्व शिकारपुर, तिलाबाद, गुलामीवथान, रोहड़ा, कोल्होरिया, डिगवाडीह डुमरिया तेतरियाटांड़ गुमरो, पारबाद,बाराडंगाल सिदपहाड़ी करमाटांड़ छोटाचाँदना पड़रिया गोलबाजार ,कुसुमडीह बदिया गमरा सिँगरोगादी बनकटी नवाडीह बस्कीडीह आदि गांवों में मनाया गया
मसलिया में धूमधाम से मनाया गया करमा पर्व
दलाही : मसलिया सहित आसपास के क्षेत्र में करमा पर्व काफी धूमधाम से मनाया गया.भाई बहन के पवित्र रिश्ते का इस पर्व का झारखंड में एक विशेष महत्व है.आदिकाल से प्रकृतिपर्व करमा को धुमधाम से मनाते आ रहे हैं. करमा पर्व भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है. सोमवार को करमेतियों ने दिन भर उपवास […]

धूमधाम से मनाया गया करमा पर्व : सरैयाहाट . इलाके मेंे करमा पर्व काफी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. यह पर्व महिलायें आठ दिनों तक मनाती है. एकादशी के दिन उपवास कर युवती व महिलायें करम डाल की पूजा अर्चना कर भाई के लम्बे उम्र की कामना करती है. इस पर्व में बहन अपने भाई के साथ करम पेड के डाली को काट कर लाता है. उसे एक गड्डे में गाड़ कर पूजा अर्चना करती है. इसके पूर्व महिलाऐ आठ प्रकार के बीज को एक डाला में बो कर आठ दिनों तक उसकी पूजा करती है. बहनें अपने भाई के लम्बी उम्र के लिए पूजा अर्चना करती है.