पोषण सखी चयन में अनियमितता की आयुक्त से शिकायत

आवेदन के साथ आवेदिका व अन्य. आंगनबाड़ी केंद्र सकरी में पोषण सखी के लिये फर्जी प्रमाण पत्र पर चयन का आरोप पर्यवेक्षिका पर पोषण सखी चयन के एवज में 50 हजार रुपये मांगने का अारोप बासुकिनाथ : झारखंड सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा पोषण सखी चयन में प्रक्रिया में जरमुंडी सीडीपीओ कार्यालय दिशा निर्देश […]

आवेदन के साथ आवेदिका व अन्य.

आंगनबाड़ी केंद्र सकरी में पोषण सखी के लिये फर्जी प्रमाण पत्र पर चयन का आरोप
पर्यवेक्षिका पर पोषण सखी चयन के एवज में 50 हजार रुपये मांगने का अारोप
बासुकिनाथ : झारखंड सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा पोषण सखी चयन में प्रक्रिया में जरमुंडी सीडीपीओ कार्यालय दिशा निर्देश का अनुपालन सही तरीके से नहीं कर रहा है. जरमुंडी प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण सखी चयन में घोर अनियमितता बरतने की लगातार शिकायत मिल रही है. बुधवार को कालाडुमरिया पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र सकरी में पोषण सखी के लिए सकरी गांव के गीता मुर्मू ने आवेदन दिया था.
मेधा सूची क्रमवार में गीता मुर्मू का नाम एक नंबर पर था. आवेदिका गीता मुर्मू ने बताया कि सीडीपीओ उषारानी मुर्मू के सह पर पर्यवेक्षिका पूनम वर्मा ने उससे पोषण सखी चयन के एवज में 50 हजार रुपये राशि की मांग की है. गरीबी व पैसे देने में असमर्थता व्यक्त करने पर मेधा सूची में दूसरे नंबर पर रही आशा देवी का चयन कर लिया गया है. चयनित आवेदिका के पास जाली एएनएम का प्रमाण-पत्र आवेदन के साथ लगाया गया है और इसी के आधार पर चयन किया गया है. जोंका पंचायत के पूर्व मुखिया बलराम सोरेन, छोटाराजा टुडू एवं आवेदिका ने सीडीपीओ कार्यालय में इस मामले को लेकर हंगामा भी किया.
सीडीपीओ ने क्या कहा
सीडीपीओ उषारानी हेम्ब्रम ने बताया कि सकरी आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण सखी चयन में पारदर्शिता बरती गयी है. अभ्यर्थी गीता मुर्मू एवं आशा देवी का समान भारित अंक 35-35 है लेकिन आशा देवी का मैट्रिक में गीता मुर्मू से ज्यादा अंक था इस कारण उसका चयन किया गया है.
आयुक्त से की शिकायत
आवेदिका गीता मुर्मू ने इसकी शिकायत संथालपरगना आयुक्त, उपायुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी एवं बीडीओ के पास आवेदन देकर इसकी शिकायत कर जांच की मांग की है. ज्ञात हो कि एएनएम प्रमाण पत्र में जरमुंडी प्रखंड में व्यापक रूप से जालसाजी करने के मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी भी हुई थी.
उस समय पंचायत समिति की बैठक में निर्णय लिया गया था कि आवेदन के साथ लगाये गये जाली एएनएम का प्रमाण पत्र का जांचोपरांत ही उस पर विचार किया जायेगा लेकिन बाद में उसी प्रमाण पत्र के आधार पर कई पोषण सखी का चयन कर लिया गया है. खैर जो भी हो यह एक गंभीर मामला है तथा इसकी जांच निश्चित रूप से होनी चाहिए.

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