दुमका : राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय दुमका में सोमवार को छात्र-छात्राओं ने जमकर हंगामा किया. छात्र-छात्राएं निर्धारित मीनू के तहत एमडीए में अंडा व फल नहीं दिये जाने से नाराज थे. कई छात्रों ने आक्रोश जताते हुए दोपहर में भोजन करने से इनकार कर दिया. विरोध प्रदर्शन करते हुए छात्र स्कूल प्रबंधन व प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे. छात्रों का कहना था कि एमडीएम में अंडा व फल सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध कराने का प्रावधान है.
जिसकी शिकायत कई बार प्राधानाध्यापक मोहन प्रसाद गुप्ता से की गई, लेकिन वे सिर्फ आश्वासन देकर चुप्पी साध लेते हैं. स्कूल में एमडीएम का खाना ऐसा बनता है कि कोई भी छात्र उस खाना को खाने से परहेज करता है. छात्र साफ-सफाई का भी ख्याल नहीं रखे जाने की भी शिकायत कर रहे थे.
छात्रों ने यह भी कहा कि स्कूल में पढ़ाई के समय बाहर से कुछ असामाजिक तत्व आकर यहां पर शराब, गांजा, नशीली दवाइयों का सेवन करते हैं. लेकिन प्रधानाध्यापक से शिकायत करने के बावजूद भी वे सख्त कदम नहीं उठाते. छात्र जब मध्यावधि में खेलते हैं, तो उस वक्त शराब पीकर फेके गये कांच के बोतल के टुकड़े पैर में घुस जाते हैं. सूचना पाने के बाद डीएसइ अरुण शर्मा ने बीइइओ हरिदत्त ठाकुर को स्कूल भेजा. उन्होंने वहां पहुंचकर छात्रों के आक्रोश देख समझाया और स्कूल के शिक्षकों से कहा कि व्यवस्था में खामी रही है, तभी छात्रों में इतना आक्रोश दिखाई दे रहा है.
उन्होंने स्कूल परिसर में मुख्य द्वार में गिरा हुआ पेड़, एमडीएम बनाने के लिए बने रसोइघर की बदहाली तथा अन्य भवनों के अंदर शराब की खाली टूटी-फूटी बोतलें व गंदगी को देखकर प्राधानाध्यापक मोहन प्रसाद गुप्ता को फटकार लगायी. कहा कि स्कूल हमारे समाज के लिए एक मंदिर है. जहां देश के भविष्य अपने पढ़ाई कर देश का नाम रोशन करते हैं. प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी स्वच्छ भारत के निर्माण में लगे हुए हैं,
वहीं इस स्कूल में देश का भविष्य गंदगी में पढ़ाई कर रहा है. उन्होंने कहा कि यदि स्कूल की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि एमडीएम मीनू के अनुसार ही छात्रों को खाना मिलना चाहिए. मौके पर वार्ड पार्षद महेश राम चंद्रवंशी, राहुल सिंह आदि मौजूद थे.
