अंशु अपहरण कांड में धरे जाते, तो आज जिंदा होता श्रवण

दुमका : श्रावणी मेला शुरू होने से बहले तालझारी थाना क्षेत्र के बुढ़ीकुरुवा गांव के श्रीकांत मंडल के चार साल के बेटे अंशु मंडल का अपहरण भी इसी गिरोह ने किया था. उस वक्त भी अपहर्ताओं ने श्रीकांत मंडल को फिरौती के लिए फोन किया था. इस गिरोह के मास्टर माइंड मिथुन मंडल ने खुलाया […]

दुमका : श्रावणी मेला शुरू होने से बहले तालझारी थाना क्षेत्र के बुढ़ीकुरुवा गांव के श्रीकांत मंडल के चार साल के बेटे अंशु मंडल का अपहरण भी इसी गिरोह ने किया था. उस वक्त भी अपहर्ताओं ने श्रीकांत मंडल को फिरौती के लिए फोन किया था. इस गिरोह के मास्टर माइंड मिथुन मंडल ने खुलाया किया कि उस अपहरण कांड में भी उन्हें तीस हजार रुपये की फिरौती मिली थी.

फिरौती मिलने के बाद ही बच्चे को गांधी मैदान में छोड़ा गया था. हालांकि इस मामले में उस वक्त पुलिस ने बच्चे की बरामदगी पर प्रेस काॅन्फ्रेंस कर कहा था कि फिरौती नहीं दी गयी दी, बल्कि बच्चे को पुलिस दबिश में अपहर्ताओं ने छोड़ दिया था. मामले में तहकीकात जारी रहती और अंशु अपहरण कांड के अपहर्ता अंशु की बरामदगी के बाद गिरफ्तार कर लिये गये होते, तो शायद श्रवण आज जिंदा होता.

मोबाइल कॉल डिटेल्स से धरे गये अपराधी
डीएसपी रोशन गुड़िया ने कहा कि तकनीकी बिंदुओं पर छानबीन किये जाने के बाद मास्टर माइंड बुढ़ीकुरुवा का मिथुन कुमार मंडल व बेलगुमा निवासी विकास कुमार हजारी धर दबोचा गया. अपहरण में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गयी. सख्ती से पूछताछ के बाद उन्होंने अन्य के नामों का खुलासा किया. पुलिस को दोनों ने पहले यही बताया कि करमा के गिधनी पहाड़ पर उन्होंने बच्चे को रखा है, बाद में वहां पहुंचने पर खुलासा किया कि चार दिन पूर्व ही हत्या कर इन्होंने शव को पहाड़ के झाड़ी-झुरमुट व चट‍्टान के बीच डाल दिया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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