मांगों पर विचार नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी
दुमका : विद्यालय रसोइया संघ की बैठक रविवार को हटिया परिसर में बिटिया मांझी की अध्यक्षता में हुई. जिसमें मुख्य रूप से राज्य संरक्षक अरूण मंडल मौजूद थे.
बैठक में श्रीमती मांझी ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी से भी कम रसोइयाओं का वेतन है. जो कानून रूप से जुर्म भी है. उन्होंने कहा कि सरकार रसोइया को कम वेतन देकर महिलाओं पर अत्याचार कर रही है. श्रीमती मांझी ने कहा कि रसोइया माता-बहन को चतुर्थवर्गीय कर्मचारी में शामिल करें और तत्काल नौ हजार रुपये प्रतिमाह सीधे उनके खाता में वेतन के रुप में दें, ताकि रसोइया अपने परिवार का सही तरह से भरण-पोषण कर पाये.
वहीं श्री मंडल ने कहा कि सरकार अविलंब मांगों पर विचार करें. नहीं तो संघ विवश होकर अगली बैठक 11 सितंबर को आंदोलन की घोषणा करेंगी. मौके पर शोभा सोरेन, शांति हांसदा, लक्ष्मी देवी, सुरीया देवी, एलीजाबेथ बास्की, लोतिक मंडल, मिरू सोरेन, मरशीला सोरेन, राजमुनी मुर्मू, मकू मरांडी, लीलाबती देवी उपस्थित थे.
