दूसरी कृषि क्रांति विदेशी कंपनियों द्वारा प्रायोजित

हस्त पत्रक बांट कर लोगों को जागरूक बनाने में जुटे लोग. दुमका : नवधान्य एवं मानवी के सहयोग से दुमका रेलवे स्टेशन पर किसानों की समस्या के संदर्भ में एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया, जिसे संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार सिंह ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भारत की […]

हस्त पत्रक बांट कर लोगों को जागरूक बनाने में जुटे लोग.

दुमका : नवधान्य एवं मानवी के सहयोग से दुमका रेलवे स्टेशन पर किसानों की समस्या के संदर्भ में एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया, जिसे संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता राजेश कुमार सिंह ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भारत की सैन्य शक्ति इतनी मजबूत है कि अब इसे कोई अपना उपनिवेश नहीं बना सकता. श्री सिंह ने कहा कि पहली कृषि क्रांति में उभरे राज्य पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश आज देश के लोगों की भूख मिटाने में अक्षम हैं. उल्टा जहरयुक्त खेती की वजह से कैंसर के सर्वाधिक रोगी पंजाब में पाये जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अब झारखंड समेत पूर्वोतर राज्यों में दूसरी हरित क्रांति की तैयारी चल रही है. यह दूसरी कृषि क्रांति विदेशी कंपनियों द्वारा प्रायोजित है. किसानों से उसका बीज, खाद, पानी सब छीन लिया गया है. किसान कर्ज में डूब रहे हैं. यह एक नई तरह की गुलामी है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपने बीज और अपने अन्न को फिर आजाद करें और स्वयं को स्वतंत्र और बीमारमुक्त बनाएं.
मानवी के नलीनीकांत ने कहा कि विविधता भारत की कृषि और समाज की पहचान है. भारत को फिर से समृद्धि की ओर ले जाने के लिए हमारे देश में एक जैविक क्रांति की जरूरत है. जहर फैलाने और कर्ज की गर्त में धकेलने वाली हरित क्रांति की नहीं. उन्होंने कहा कि भारतीय बच्चों व महिलाओं ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के जीएमओ परीक्षण के लिए जन्म नहीं लिया है.

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