तीर-धनुष, भाला-बरछी से लैस होकर पहुंचे
धानरोपनी कराते झारखंड क्रांति दल के सदस्य. फोटो । प्रभात खबर
चार साल पूर्व न्यायालय ने मुरली मंझियाइन के पक्ष में सुनाया था फैसला
विपक्ष भी कर रहे अपनी दावेदारी
रामगढ़ : प्रखंड के महुबन्ना-ठाड़ी गांव में मुरली मंझियाइन तथा उसके गोतिया के बीच 29 बीघे जमीन मामले में चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है. हूल झारखंड क्रांति दल द्वारा तीर-धनुष, भाला-बरछी, लाठी आदि से लैस अपने दर्जनों समर्थकों के साथ मुरली मंझियाइन के समर्थन में दाग नंबर 38 के 29 बीघा जमीन में दर्जन भर ट्रैक्टरों से जोताई करायी तथा धानरोपनी कर दिया. जानकारी के मुताबिक मुरली मंझियानी को पुत्र नहीं है. उसकी दो पुत्री पारुल व उमा देवी है. इन तीनों के नाम से उक्त जमीन का खाता भी खुल चुका है.
पारुल के पति सुबल ने बताया कि इस जमीन पर प्रफुल्ल मांझी वगैरह का कोई हक नहीं है. चार साल पूर्व न्यायालय ने मुरली मंझियाइन के पक्ष में फैसला सुनाया था. लेकिन विपक्षी न्यायालय के फैसले के विरुद्ध जमीन जोतने से मना कर रहे थे. इधर दूसरे पक्ष के प्रफुल्ल व अशोक मांझी ने कहा कि मुरली उनका गोतिया है और उक्त जमीन के वे भी दावेदार हैं. तीन सप्ताह पूर्व भी इसी जमीन पर काम करवाने समय दोनों पक्ष में तकरार व मारपीट हुई थी और मजदूर निर्मल मांझी ने प्रफुल्ल समेत 12 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था. बहरहाल थानेदार मनोज राय ने बताया कि मुरली मंझियाइन के पक्ष में अदालत का फैसला है, लिहाजा प्रशासन अपना काम कर रही है.
