सहकर्मी ने बताया गांव जाने के लिये निकला है युवक, पहुंचा तो ताबूत में बंद था शव
दलाही : गुजरात में दुमका के एक युवक की रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गयी. मृतक धर्मेन्द्र सिंह मसलिया थाना क्षेत्र के गुमरो गांव का रहने वाला था. बताया जाता है कि बीस वर्षीय धर्मेन्द्र सिंह लगभग छह माह पूर्व पारबाद गांव का विकास यादव काम दिलाने को गुजरात ले गया था. जहां उसे सनातन टेक्सटाइल सिलवाटा में धागा के काम में लगा दिया था. अचानक शुक्रवार की रात को रांची से एंबुलेंस के जरिये धमेंद्र की लाश बंद ताबूत में पहुंचा दी गयी.
ज्योही गुमरो गांव में उसका शव पहुंचा परिजनों के होश उड़ गये. गांव के लोग लाश देखने उमड़ पड़ी. ग्रामीणों ने बताया कि उक्त युवक काफी मिलनसार था. उसकी मौत पर लोग तरह-तरह की बातें करते दिखे. मृतक की मां तारा देवी ने बताया कि धर्मेंद्र घर का इकलौता चिराग था. वह बाहर काम करने जाना नहीं चाहता था. कहा कि पारबाद गांव का विकास यादव उसे जबरन झांसा देकर ले गया था. सात अगस्त को बेटे से फोन पर बात हुई थी.
उस वक्त वह खुश था. साथ में काम कर रहे सिदपहाड़ी गांव के कामदेव राय ने 11 अगस्त को अचानक फोन पर बताया कि धर्मेंद्र घर के लिए निकल गया है. उसके बाद फोन कट गया. 12 अगस्त की रात को उनका बेटा जीवित नहीं बल्कि मृत पहुंचा. परिजनों आशंका जतायी है कि उसके साथ कुछ अनहोनी घटी है.
कहा, बेटे की मौत कैसे हुई कोई भी सच नहीं बता रहा. वहीं साथ ले जाने वाला विकास यादव ने बताया कि उसकी मौत ट्रेन से कटकर हुई है. कहा, कार्यस्थल से दो सौ किलोमीटर दूर गुजरात के ही नोसारी जिले के जलालपुर में दुर्घटना हुई है. जबकि सनातन टेक्सटाइल सिलवाटा में युवाओं को नौकरी पर लगाने वाले सावंत सेठ ने कहा कि उक्त युवक मुझसे छुट्टी लेकर घर जाने की बात कह कर निकला था. बाद में जलालपुर पुलिस ने उसकी मौत की खबर उन्हें दी. उन्होंने उसकी लाश को प्लेन से भेजा.
बूझ गया घर का इकलौता चिराग
मृतक के दोस्त ने बताया ट्रेन से कटकर हुई है मौत
इलाके के लोग कर रहे तरह-तरह की बातें,
गुमरो गांव का रहने वाला था धर्मेंद्र
