दुमका : झाविमो सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि रघुवर सरकार न तो पाकुड़ जिले में पैनम कोल माइंस के विस्थापितों की सुधि ले रही है और न ही उनकी वास्तविक स्थिति से किसी को अवगत होने देना चाहती है. यही वजह है कि उन्हें उन इलाकों में जाने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है. बाबूलाल ने प्रेस को बताया कि वे पैनम विस्थापितों के गांव जाकर उनसे मिलना चाहते हैं.
बाबूलाल ने सरकार पर लगाया आरोप, कहा
दुमका : झाविमो सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि रघुवर सरकार न तो पाकुड़ जिले में पैनम कोल माइंस के विस्थापितों की सुधि ले रही है और न ही उनकी वास्तविक स्थिति से किसी को अवगत होने देना चाहती है. यही वजह है कि उन्हें उन इलाकों में जाने से रोकने […]

नक्सली धमक का दिया जा रहा हवाला : उन्होंने कहा कि उनके पीए को कहा गया है
कटहलडीहा जाने से…
कि वे रविवार को उन इलाकों में न जायें. उन्हें इस बात का हवाला देकर रोका जा रहा है कि वहां नक्सलियों की धमक है. श्री मरांडी ने कहा कि अगर ऐसा है, तो सरकार को समुचित व्यवस्था मुहैया करानी चाहिए, जिससे कि वे विस्थापितों की स्थिति से अवगत हो सके. उनके इस दौरे का मकसद है कि उनके साथ-साथ सरकार व सरकारी तंत्र भी विस्थापितों की स्थिति को समझें.
उल्लेखनीय है कि श्री मरांडी ने अमड़ापाड़ा के पचुवाड़ा-कटहलडीहा में विस्थापितों से मिलने का कार्यक्रम तय है. उविस्थापितों के हक-हकूक की बात को लेकर श्री मरांडी 21 दिनों तक धरना में बैठे थे. बाद में सरकार ने विकास आयुक्त को धरना स्थल पर भेजकर धरना खत्म कराया था और उनकी मांगों पर समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था.
पैनम के विस्थापितों की सरकार नहीं ले रही सुधि
पैनम विस्थापित छह गांवों तक जाने का रास्ता ठीक नहीं है. यह इलाका नक्सल प्रभावित है. बाबूलाल जी से अपने कार्यक्रम में संशोधन कर दूसरी सूची मांगी गयी थी. उन्होंने दूसरी सूची दे दी है. इस पर प्रशासन ने स्वीकृति दी है.
अजय लिंडा, एसपी, पाकुड़