गैर आदिवासियों की जमीन हो सकती है एसपीटी एक्ट से मुक्त

दुमका : जनजातीय परामर्शदातृ समिति की उपसमिति की अध्यक्ष सह राज्य की समाज कल्याण मंत्री डॉ लोइस मरांडी ने संताल परगना कास्तकारी अधिनियम में आंशिक बदलाव के संकेत दिया है. इंडोर स्टेडियम दुमका में एक स्थानीय कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को डॉ लोइस ने कहा कि इसी महीने के अंत में उपसमिति सरकार को अपनी […]

दुमका : जनजातीय परामर्शदातृ समिति की उपसमिति की अध्यक्ष सह राज्य की समाज कल्याण मंत्री डॉ लोइस मरांडी ने संताल परगना कास्तकारी अधिनियम में आंशिक बदलाव के संकेत दिया है. इंडोर स्टेडियम दुमका में एक स्थानीय कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को डॉ लोइस ने कहा कि इसी महीने के अंत में उपसमिति सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. उन्होंने कहा कि संताल परगना परगना कास्तकारी अधिनियम में आंशिक संशोधन नहीं होगा, तो जीवन स्तर नहीं सुधर सकता. क्वालिटी एजुकेशन से लेकर बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था यहां नहीं हो सकती.

उन्होंने कहा : उपसमिति अपनी जो रिपोर्ट सौंपेगी, उससे संताल परगना के विकास के बहुत से रास्ते खुल जायेंगे. उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार आदिवासियों की जमीन को लेकर कोई संशोधन एसपीटी एक्ट में नहीं करने जा रही बल्कि आदिवासियों की जमीन के संदर्भ में एसपीटी के प्रावधानों को, कानूनों को और सख्ती से लागू कराने की पक्षधर सरकार है. उन्होंने कहा : संताल परगना के गैर आदिवासियों की जमीन जब एसपीटी एक्ट के दायरे से मुक्त करने की मांग को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है और इसका सौगात संताल परगना की जनता को मिलेगा.
गैर आदिवासियों की जमीन…
टीएसी ने सभी जिलों में बैठक कर बुद्धिजीवियों से जाना था सुझाव
उन्होंने कहा है कि जनजातीय परामर्शदातृ समिति ने छोटानागपुर इलाके में सीएनटी में थाना क्षेत्र की बाध्यता को खत्म करने तथा संताल परगना के ईलाके में एसपीटी अर्थात संताल परगना कास्तकारी अधिनियम में गैर आदिवासियों को अपनी जमीन की खरीद-बिक्री का अधिकार देने की उठ रही मांग पर पूरे राज्य के सभी जिलों में बैठक कर बुद्धिजीवियों से उनके विचारों-सुझावों को जाना था. संताल परगना में 80 से 85 प्रतिशत गैर आदिवासियों ने अपने सुझाव में एसपीटी एक्ट के दायरे से मुक्त कराने की मांग की है.
एसपीटी एक्ट में आंशिक संशोधन के बगैर क्वालिटी एजुकेशन से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर नहीं हो सकती : डॉ लोइस
रसेल कमिटि की सिफारिश को लागू करने की मांग करते रहे हैं निशिकांत
गोड्डा से भाजपा सांसद डॉ निशिकांत दुबे खुद भी संताल परगना कास्तकारी अधिनियम के संदर्भ में रसेल कमिटि की सिफारिश को लागू करने की मांग करते रहे हैं और कहते रहे हैं कि गैर आदिवासियों की जमीन को यहां खरीद-बिक्री का अधिकार मिलना चाहिए. आदिवासियों की जमीन इंटैक्ट रखा जाना चाहिए.
मंत्री लोइस मरांडी बधाई के पात्र : निशिकांत
मौके पर डॉ निशिकांत दुबे ने डॉ लोइस के बयान पर कहा कि जैसे संकेत मंत्री डॉ लोइस मरांडी ने दिया है, अगर ऐसा होता है, तो वह बधाई की पात्र हैं, क्योंकि डॉ लोइस जब विधायक नहीं थी, तब भी उन्होंने इस विषय को लेकर आवाज उठायी थी. श्री दुबे ने भी कहा कि वे खुद भी एसपीटी के जरिये आदिवासियों की जमीन को सुरक्षित किये जाने के पक्षधर हैं. आदिवासियों की जमीन की खरीद-बिक्री नहीं हो, इसके लिए उनका हरसंभव प्रयास रहेगा. कोई लड़ाई लड़नी होगी, तो हम लड़ेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >