हंसडीहा से अनिल चौधरी की रिपोर्ट
Cyber Fraud: झारखंड के दुमका जिले के हंसडीहा क्षेत्र से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां जिला परिषद सदस्य राधिका देवी अज्ञात साइबर अपराधियों के जाल में फंस गईं. ठगों ने उनके इंडियन बैंक खाते से करीब 3 लाख रुपये उड़ा लिए. इस घटना ने इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है.
तीन दिनों में खाते से निकाली गई बड़ी रकम
यह पूरी घटना 25 मार्च से 27 मार्च के बीच की बताई जा रही है. शुरुआत 25 मार्च को खाते से मात्र 1 रुपये की कटौती से हुई, जिसे सामान्य बैंकिंग प्रक्रिया समझकर नजरअंदाज कर दिया गया. लेकिन इसके बाद 26 और 27 मार्च को लगातार कई ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 2,99,260 रुपये खाते से निकाल लिए गए.
मोबाइल से संचालित था बैंक खाता
मामले की जानकारी देते हुए राधिका देवी के पुत्र शुभम कुमार ने बताया कि उनकी माता का बैंक खाता पूरी तरह मोबाइल से संचालित होता था. खाते से जुड़े सभी ट्रांजैक्शन की जानकारी मोबाइल पर ही मिलती थी. इसी दौरान शुभम कुमार किसी काम से अपनी माता का मोबाइल लेकर दिल्ली गए हुए थे और वहीं से मोबाइल का उपयोग कर रहे थे.
संदिग्ध मैसेज से हुआ ठगी का खुलासा
जब मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे तो शुभम को संदेह हुआ. उन्होंने तुरंत खाते की जांच की, जिसमें बड़ी रकम के गायब होने की पुष्टि हुई. इसके बाद उन्होंने अपनी माता को इस बारे में जानकारी दी और तुरंत बैंक से संपर्क करने को कहा.
साइबर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत
घटना की गंभीरता को देखते हुए शुभम कुमार ने नई दिल्ली के साउथ वेस्ट जिले के साइबर थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगों ने किस तरीके से बैंक खाते तक पहुंच बनाई.
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या संदिग्ध ट्रांजैक्शन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बैंक से जुड़े अलर्ट्स पर तुरंत ध्यान देना और समय रहते कार्रवाई करना बेहद जरूरी है.
इसे भी पढ़ें: चतरा में हर घर नल जल योजना पर करोड़ों खर्च, पर प्यासे हैं गांव और शहर के लोग
डिजिटल युग में बढ़ रहे साइबर अपराध
डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी आई है. ऐसे में लोगों को जागरूक और सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है. यह घटना एक चेतावनी है कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है.
इसे भी पढ़ें: धनबाद में जोरदार धमाका, कई घर समेत एक ही परिवार के तीन लोग जमींदोज
