दुमका : उपराजधानी दुमका समेत पूरे संताल परगना में अगले पांच दिनों में काफी बदलाव आयेगा. दिन में अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी. पांच दिनों में अधिकतम तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस बढ़ेगा. मतलब दिन की तरह रात में भी अब गर्मी का अहसास होगा. शुक्रवार को दुमका का अधिकतम तापमान 32.2 रिकाॅर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.5 रहा.
नौ मई तक तक अधिकतम 42 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है.राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र नयी दिल्ली से प्राप्त बुलेटिन के मुताबिक दुमका में पांच से 8 मई तक आकाश में आंशिक रूप से बादल रहेंगे. हालांकि बूंदाबांदी की संभावना केवल पांच मई शनिवार को ही है. पूर्वानुमान के मुताबिक पांच मई को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है. जबकि छह मई को अधिकतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस बढ़ कर 42 व न्यूनतम एक डिग्री सेल्सियस बढ़ कर 24 डिग्री सेल्सियस पहुंचने की संभावना है. वहीं, सात मई को अधिकतम 38 से बढ़ कर 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच जायेगा, जो 9 मई को भी इसी स्तर पर बना रहेगा. 9 मई को न्यनतम तापमान भी बादल छंटने की वजह से एक डिग्री सेल्सियस और बढ़ेगा तथा 25 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर पहुंचेगा.
किसानों के लिए मौसम आधारित सलाह : मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक आकाश में आंशिक रूप से बादल छाये रहने व छिटपुट वर्षा के साथ-साथ तापमान में हल्की वृद्धि की संभावना है. बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के दुमका स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक डॉ विपिन कुमार भगत तथा मौसम वैज्ञानिक राजू लिंडा ने सलाह दी है कि किसान ओल, अदरक व हल्दी की बुआइ करें और खेत को पूरी तरह सूखे पत्ते या पुआल से ढंक दें, ताकि खेत में नमी बनें रहे. साथ ही खरपतवार पर नियंत्रण हो सकें. नये बगीचे के लिए किसानों को गढ्ढे खोदने, खेत की जुताई कर देने की भी सलाह उनके द्वारा दी गयी है, ताकि मिट्टी में मौजूद खर पतवार, कीड़े-मकोड़े व उनके अंडे नष्ट हो जाये. कहा है कि किसान मौसम साफ रहने पर फसल में फुफुंदनाशी व कीटनाशी का छिड़काव करें. गाय व भैसों को हिट स्ट्रोक से बचाने के लिए दिन में दो बार ठंडा पानी से स्नान कराने तथा पीने के लिए साफ व ठंडा पानी उपलब्ध कराने की सलाह दी है. मुर्गीपालन करनेवाले किसान मूर्गियों को हिट स्ट्रोक से मरने से बचाने के लिए ठंडा पानी में विटामिन सी व एंट्री स्ट्रैग का घोल पिलाने तथा दोपहर में पानी का हलका फुहार करने को कहा गया है.
