केंद्रीय मजदूर यूनियनों की देशव्यापी आम हड़ताल को लेकर कोयलांचल में विभिन्न श्रमिक संगठनों ने व्यापक तैयारी की है.
केंद्रीय मजदूर यूनियनों की देशव्यापी आम हड़ताल को लेकर कोयलांचल में विभिन्न श्रमिक संगठनों ने व्यापक तैयारी की है. हड़ताल के समर्थन में धनबाद, बेरमो व गिरिडीह में विभिन्न श्रमिक संगठनों ने बुधवार को बैठक की. जनसंपर्क अभियान और क्षेत्रीय स्तर पर रणनीति भी तैयार की. यूनियन नेताओं का दावा है कि हड़ताल में कोयला उद्योग समेत विभिन्न क्षेत्रों के लाखों श्रमिक भाग लेंगे. इससे कोयला उत्पादन और डिस्पैच पर व्यापक असर पड़ने की आशंका है. बीसीसीएल में प्रतिदिन 1.25 लाख टन उत्पादन व एक लाख टन कोयला डिस्पैच होता है. जिस पर प्रभाव पड़ सकता है. इससे बिजली, इस्पात, सीमेंट और अन्य उद्योगों को कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. वहीं बीसीसीएल ने कर्मचारियों, अधिकारियों और श्रमिकों से हड़ताल में शामिल होने होने की अपील की है. औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के प्रावधानों के तहत हड़ताल को अवैध बताया है. ऐसी स्थिति में ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ सहित नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है.
संयुक्त मोर्चा ने निकाला मशाल जुलूस, रणधीर वर्मा चौक पर सभा
12 फरवरी को आहूत देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में बुधवार की शाम धनबाद जिला परिषद मैदान से रणधीर वर्मा चौक तक मशाल जुलूस निकाला गया. जुलूस मुख्य मार्गों से गुजरते हुए रणधीर वर्मा चौक पहुंचा. यहां सभा की गयी. मशाल जुलूस में सीटू संबद्ध ट्रेड यूनियन बीसीकेयू, जेसीएमयू, बीएसएसआर यूनियन, स्टाफ को-ऑर्डिनेशन, एआइसीसीटीयू (एक्टू), मजदूर कर्मचारी समन्वय समिति, छात्र संगठन एआइएसए (आइसा) तथा कर्मचारी महासंघ के सदस्य शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान मांगों को लेकर जोरदार नारे भी लगाये.
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ चेतावनी है हड़ताल
सभा को संबोधित करते हुए सीटू जिला महामंत्री रामकृष्णा पासवान ने कहा कि यह एक दिवसीय हड़ताल केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ चेतावनी है. उन्होंने आरोप लगाया कि चार लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने वाले हैं. मजदूर कर्मचारी समन्वय समिति के हेमंत मिश्रा समेत अन्य नेताओं ने भी हड़ताल को सफल बनाने की अपील की. मौके पर हेमंत मिश्रा, सपन माजी, लीलामय गोस्वामी, राम बालक, मानस चटर्जी, आनंदमय पाल, रतन देब, अभिजीत हरि, सुजय गुप्ता, स्वरूप दास, सुभाष कुमार, सुजय नियोगी, समित्रो पाल, सुखसागर पांडेय, रामलाल, शिव कुमार सिंह, सुनील रजक, रमेश टुडू, उमाशंकर चौहान, सूरज महतो, रानू मंडल, प्रशांत बाउरी, मोहित कुमार, सुरेंद्र मोदी, अरिंदम विश्वास, आरपी महतो, नकुलदेव सिंह, कार्तिक प्रसाद, सरोज देवी, मंजू देवी, मोनाज अख्तर, दिलीप राम, रणजीत दानस व सुखदेव हरि आदि उपस्थित थे.
रेल यूनियनों का नैतिक समर्थन
आम हड़ताल का रेलवे यूनियनों ने नैतिक समर्थन दिया है. अलग-अलग यूनियन शाखा कार्यालय व अन्य जगहों पर यूनियन प्रतिनिधि जुटकर श्रम कानून में बदलाव का विरोध करेंगे. हालांकि रेल सेवा बाधित नहीं हो इसका ध्यान रखा जायेगा. ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रेड यूनियन से संबद्ध ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज यूनियन भी काला बिल्ला लगाकर रोष व्यक्त करेगा. इस दौरान शाखा मुख्यालय, स्टेशनों या कार्य स्थलों पर गेट मीटिंग या धरना दिया जायेगा. ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन की ओर से भी हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया गया. इसीआरइयू ने चारों लेबर कानून को निरस्त करने, एनपीएस व यूपीएस को समाप्त कर ओपीएस लागू करना, यूनियन को पूर्व की भांति पूर्ण अधिकार देने, आठ घंटे ड्यूटी लंच ब्रेक के साथ अविलंब लागू करने, प्रतिवर्ष दो प्रतिशत रेलकर्मी के पोस्ट को सरेंडर करने का आदेश वापस लेने, रेलवे में सभी रिक्त पदों को भराने, रेलवे में कई विभागाें के कई कार्यों को आउटसोर्स से करना बंद करने, रेलवे में ट्रेड यूनियन की मान्यता के नियम एवं शर्तों में बदलाव वापस लेने की मांग की है.
एसबीआइ को छोड़ सभी बैंकों की सेवाएं पर पड़ सकता है असर
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन (एआइबीइए)-एआइबीओए व बीइएफआइ के आह्वान पर गुरुवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआइ) को छोड़कर जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखाओं पर हड़ताल का असर पड़ सकता है. एआइबीइए के जिला अध्यक्ष नंद कुमार महाराज ने बताया, बैंक कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहेंगे. एसबीआइ ने नैतिक समर्थन दिया है. हालांकि उसकी शाखाएं खुली रह सकती हैं. संगठन की ओर से एसबीआइ और निजी बैंकों से भी हड़ताल में शामिल होने की अपील की जा रही है. हड़ताल के कारण नकद निकासी, चेक क्लियरिंग, आरटीजीएस-एनईएफटी, पासबुक अपडेट, ऋण संबंधित कार्य और एलआइसी प्रीमियम जमा जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. एटीएम सेवाएं सामान्य रहने का दावा किया गया है, हालांकि नकदी की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है.
एलआइसी के 250 कर्मचारी नहीं करेंगे काम
एलआइसी की सभी शाखाएं गुरुवार को बंद रहेगी. भारतीय जीवन बीमा कर्मचारी यूनियन के हेमंत मिश्रा ने कहा, संयुक्त मोर्चा के बंद का बीमा कर्मचारी यूनियन पूर्ण समर्थन करते हुए सभी शाखाएं बंद रखने का निर्णय लिया है. एलआइसी प्रीमियम जमा जैसी सेवाएं प्रभावित रहेंगी. एलआइसी के सभी आठों ब्रांच में लगभग 250 कर्मचारी हैं, जो हड़ताल पर रहेंगे.
बोले सीएमडी : हड़ताल से दूर रहे कर्मी, नहीं तो कटेगा वेतन, कार्रवाई भी संभव
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने कंपनी के कर्मचारियों, अधिकारियों एवं श्रमिकों से हड़ताल में शामिल नहीं होने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि बीसीसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कंपनी है. देश के कुल कोयला उत्पादन में इसका अहम योगदान है. ऐसे में किसी भी प्रकार की हड़ताल या कार्यबंदी से उत्पादन क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. देश में कोयले की नियमित आपूर्ति बाधित हो सकती है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के समक्ष सुलह प्रक्रिया जारी है. औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के प्रावधानों के अनुसार सुलह प्रक्रिया के दौरान हड़ताल करना विधिसम्मत नहीं है. इसे अवैध माना जा सकता है. ऐसी स्थिति में ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ सहित नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने कर्मचारियों से अनुशासन बनाये रखते हुए वैधानिक मंचों के माध्यम से अपनी मांगें रखने की अपील की है. सीएमडी ने कहा, मानसून से प्रभावित उत्पादन अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. कंपनी चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के उत्पादन लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में लगातार प्रयासरत है. ऐसे समय में हड़ताल से उत्पादन एवं प्रेषण कार्य में बाधा से कंपनी के साथ ही बिजली, इस्पात, सीमेंट और उर्वरक जैसे प्रमुख उद्योगों पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा. देश की अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं पर प्रभाव पड़ सकता है.