धनबाद. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के चाचा सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद धनबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं. सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था, एसएनएमएमसीएच में महिला की मौत और भाजपा के आरोपों समेत कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी.
बिजली जाने से महिला की मौत नहीं : स्वास्थ्य मंत्री
एसएनएमएमसीएच के सर्जिकल आईसीयू में बिजली गुल होने के दौरान आदिवासी महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि महिला की मौत बिजली जाने के कारण नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच करायी जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चलेगा.
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
धनबाद को जल्द मिलेगा नया मेडिकल कॉलेज
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि धनबाद की स्वास्थ्य व्यवस्था में धीरे-धीरे बदलाव किया जा रहा है. सदर अस्पताल में सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है और वहां मरीजों की संख्या भी बढ़ी है.
उन्होंने कहा कि करीब 14 वर्षों से तैयार सुपर स्पेशलिटी सेवा शुरू नहीं हो सकी है. सरकार इसे शुरू करने की दिशा में काम कर रही है. साथ ही धनबाद को जल्द एक और मेडिकल कॉलेज देने की तैयारी है.
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गयी हैं. इससे धनबाद में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है.
भाजपा के आंदोलन पर भी साधा निशाना
भाजपा के राज्यव्यापी आंदोलन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने आरोप लगाया कि आंदोलन की भीड़ में कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन्हें उन्होंने गुंडे और दंगाई बताया. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
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सुदिव्य सोनू का अधूरा सपना पूरा करेंगे
दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन का जिक्र करते हुए डॉ. इरफान अंसारी भावुक नजर आये. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने भाई और ऐसे साथी को खोया है, जो सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े रहते थे.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सुदिव्य सोनू का अधूरा सपना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सभी मिलकर पूरा करेंगे. उन्होंने कहा कि सोनू भैया के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है.
बीमारी छिपाने से बढ़ सकती है परेशानी
स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की कि किसी भी बीमारी को डॉक्टर से नहीं छिपाना चाहिए. उन्होंने कहा कि बीमारी को गंभीर होने तक छिपाने से बाद में स्थिति संभालना मुश्किल हो सकता है.
उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू ने भी अपनी बीमारी के बारे में परिवार से छिपाकर रखा था, इसलिए हालत बिगड़ी. डॉक्टरों और आम लोगों को बीमारी के प्रति सतर्क रहने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है.
