Dhanbad News: झारखंड के धनबाद जिले के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) में डॉक्टरों की कमी का असर अब दूसरे विभागों पर भी दिखने लगा है. इसी के चलते कैथलैब को बंद कर दिया गया है. पहले इस यूनिट में मेडिसिन के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता था, लेकिन अब इसे अस्थायी तौर से बंद कर दिया गया है. फीमेल मेडिसिन वार्ड को भी बंद कर दिया गया है. हॉस्पिटल मैनेजमेंट का कहना है कि सीमित संसाधनों में बेहतर सेवा देना प्राथमिकता है, इसलिए कुछ वार्डों को अस्थायी रूप से बंद करना जरूरी हो गया था.
दूरी बनी परेशानी का कारण
हॉस्पिटल मैनेजमेंट के अनुसार कैथलैब और फीमेल मेडिसिन वार्ड की दूरी मेन बिल्डिंग से ज्यादा थी. इस वजह से डॉक्टरों को ओपीडी और वार्ड राउंड के दौरान परेशानी होती थी. डॉक्टरों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में ज्यादा टाइम लगता था, जिससे मरीजों की देखभाल पर असर पड़ता था. इसी को ध्यान में रखते हुए इन दोनों यूनिट्स को बंद करने का फैसला लिया गया है जिससे उपलब्ध डॉक्टरों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सके.
मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधा
हॉस्पिटल मैनेजमेंट के मुताबिक ये फैसले मरीजों की सुविधा और बेहतर इलाज को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं. पेडियाट्रिक इमरजेंसी को अलग करने से बच्चों का इलाज जल्दी होगा और डॉक्टरों का काम भी बैलेंस रहेगा. हालांकि कुछ सेवाओं के बंद होने से अस्थायी परेशानी हो सकती है, लेकिन भविष्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने के साथ इन सेवाओं को फिर से शुरू करने की योजना भी बनायी जा रही है.
आगे की योजना क्या है?
- डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की पहल
- बंद वार्डों को भविष्य में फिर से शुरू करने की संभावना है.
- मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने की व्यवस्था
- स्वास्थ्य सेवाओं को फेज वाइज बेहतर बनाने की योजना.
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