धनबाद. छह माह से लगातार राशन का उठाव नहीं करने वाले राशन कार्ड अब स्वतः निष्क्रिय होंगे. नयी व्यवस्था के तहत साइलेंट राशन कार्ड और डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान कर कार्रवाई की जायेगी. यह प्रक्रिया एक अक्तूबर 2026 से शुरू होगी.
धनबाद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत 4,29,887 राशन कार्ड में 18,71,094 लाभुक दर्ज हैं. राज्य सरकार ने उपायुक्त को पत्र भेजकर नयी व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है.
पहले साइलेंट कार्ड के रूप में होंगे चिह्नित, फिर होगा ऑटो-डिएक्टिव
केंद्र की नयी व्यवस्था के तहत छह माह से राशन नहीं उठाने वाले कार्डों को प्रत्येक माह की 21 तारीख को साइलेंट राशन कार्ड के रूप में चिह्नित किया जायेगा. इसके बाद अगले माह की एक तारीख को कार्ड स्वतः निष्क्रिय हो जायेगा.
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कार्ड की निष्क्रियता के बाद लाभुकों को तीन माह का समय मिलेगा. इ-केवाइसी और जरूरी सत्यापन कराने के बाद ही कार्ड दोबारा सक्रिय हो सकेगा. तय अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो कार्ड रद्द कर दिया जायेगा.
आधार से मिलान कर डुप्लीकेसी होगी चिह्नित
केंद्रीय रिपोजिटरी में आधार के आधार पर मिलान के दौरान एक से अधिक राशन कार्ड में दर्ज डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान होगी. ऐसे लाभुकों को निष्क्रिय कर परिवार के मुखिया को मैसेज भेजा जायेगा.
सत्यापन और ई-केवाईसी के लिए तीन माह का समय मिलेगा. सत्यापन के बाद लाभुक को पात्र राशन कार्ड में सक्रिय कर दूसरे कार्ड से नाम हटा दिया जायेगा. समय पर इ-केवाईसी नहीं कराने पर संबंधित कार्ड से नाम हटा दिया जायेगा.
1,647 राशन दुकानों पर दी जायेगी जानकारी
धनबाद में करीब 1,647 जन वितरण प्रणाली की दुकानें हैं. नयी व्यवस्था की जानकारी इन दुकानों के अलावा जिला व प्रखंड मुख्यालय तथा पंचायत भवनों में भी प्रदर्शित की जायेगी. विभाग ने लोगों से समय पर ई-केवाईसी और सत्यापन कराने की अपील करते हुए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है.
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अपात्र कार्डों पर पहले से चल रही कार्रवाई
धनबाद में अपात्र राशन कार्डों की पहचान को लेकर पहले से कार्रवाई चल रही है. अगस्त में जिला स्तर पर 23,612 राशन कार्डों को अपात्रता के आधार पर रद्द करने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आयी थी. अब साइलेंट कार्ड और डुप्लीकेट लाभुकों की स्वतः पहचान की नयी व्यवस्था से पीडीएस में लाभुकों का सत्यापन और तेज होने की उम्मीद है.
