मेडिकल कॉलेज में इस सत्र से छह सीटों पर शुरू होगी पीजी मेडिसिन की पढ़ाई

एनएमसी ने मेडिसिन की पढ़ाई शुरू करने की दी अनुमति

धनबाद.

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में इस सत्र से पीजी मेडिसिन (एमडी) की पढ़ाई शुरू हो जायेगी. नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) ने मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विषय में पीजी की पढ़ाई शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी है. मेडिकल कॉलेज ने मेडिसिन विषय में कुल सात सीटों पर पीजी की पढ़ाई शुरू करने के लिए एनएमसी को आवेदन दिया था. इसमें सत्र 2025-27 के लिए कुल छह सीटों पर पीजी मेडिसिन की पढ़ाई शुरू करने की अनुमति प्रदान की गयी है. बता दें कि मेडिकल कॉलेज की ओर से कुल सात विषयों में 34 सीटों पर पीजी की पढ़ाई शुरू करने को लेकर एनएमसी को आवेदन दिया गया है.

पैथोलॉजी व बायोकेमिस्ट्री के आवेदन को एनएमसी ने किया अस्वीकृत :

मेडिकल कॉलेज में संशाधनों की कमी के कारण पैथोलॉजी व बायोकेमिस्ट्री विषय में पीजी की पढ़ाई शुरू करने के आवेदन को एनएमसी ने अस्वीकृत कर दिया है. एनएमसी ने इन विभागों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर समेत अन्य संशाधनों की कमी को दूर करने के बाद दोबारा से आवेदन करने को कहा है. यानि, इस सत्र पैथोलॉजी व बायोकेमिस्ट्री विषय में पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हो पायेगी. पैथोलॉजी में छह व बायोकेमिस्ट्री में दो सीटों पर पीजी की पढ़ाई शुरू करने को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने एनएमसी को आवेदन किया था.

सर्जरी, ऑर्थो, एनेस्थीसिया व गायनी के लिए एनएमसी की अनुमति का इंतजार :

सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, एनेस्थीसिया व गायनेकोलॉजिस्ट विषय में भी पीजी की पढ़ाई शुरू करने को लेकर मेडिकल कॉलेज की ओर से एनएमसी को आवेदन किया गया है. इन विषयों में पीजी की पढ़ाई शुरू करने को लेकर मेडिकल कॉलेज द्वारा एनएमसी को दिए गए आवेदन पर अबतक कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. इन विषयों की पढ़ाई शुरू करने को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को एनएमसी की अनुमति मिलने का इंतजार है. सर्जरी में 12, ऑर्थोपेडिक्स में चार, एनेस्थीसिया में सात व गायनेकॉलिस्ट विषय में सात विषयों में पीजी की पढ़ाई शुरू करने के लिए एनएमसी से अनुमति मांगी गई है.

बोले प्राचार्य :

एसएनएमएमसीएच के प्राचार्य डॉ ज्योति रंजन प्रसाद ने कहा कि मेडिसिन विषय में पीजी की पढ़ाई शुरू करने की अनुमति मिल गई है. यह धनबाद के लिए बड़ी उपलब्धी है. सर्जरी, ऑर्थों व गायनी विभाग के लिए किया गया आवेदन अब भी लंबित है. जल्द ही इन विषयों में भी पीजी की पढ़ाई शुरु करने की अनुमति मिलने की उम्मीद है.

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