धनबाद. बीसीसीएल ब्लॉक-दो क्षेत्र के बहुचर्चित बेनीडीह केकेसी मेन साइडिंग गोलीकांड की जांच अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की टीम करेगी. आयोग की जांच टीम 22 से 25 सितंबर के बीच बाघमारा थाना पहुंचेगी और वर्ष 2022 में हुई गोलीबारी की घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेगी. उपलब्ध जानकारी के अनुसार आयोग की ओर से जांच के लिए डीआइजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में टीम के पहुंचने की बात कही गयी है.
19 नवंबर 2022 की रात बेनीडीह साइडिंग क्षेत्र में सीआइएसएफ की क्विक रिस्पांस टीम और कथित कोयला चोरों के बीच गोलीबारी की घटना हुई थी. घटना में चार लोगों की मौत हुई थी और दो लोग घायल हुए थे. उस समय की रिपोर्टों में भी सीआइएसएफ और कोयला चोरी के लिए पहुंचे लोगों के बीच टकराव के बाद फायरिंग की जानकारी सामने आयी थी.
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चार लोगों की हुई थी मौत, दो घायल हुए थे
गोलीबारी में प्रीतम चौहान, शहजादा खान उर्फ जलाउद्दीन, अताउल्ला अंसारी और शमीम अंसारी की मौत हुई थी. वहीं, बादल रवानी और रमेश रविदास घायल हुए थे. घटना के बाद गोलीबारी की परिस्थितियों और सीआइएसएफ की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग सवाल उठाये गये थे.
सीआइएसएफ की ओर से उस समय कहा गया था कि जवानों पर हमला होने के बाद आत्मरक्षा में फायरिंग की गयी. दूसरी ओर, मृतकों के परिजनों की ओर से गोलीबारी की कार्रवाई पर सवाल उठाये गये थे. इसलिए मामले में सामने आये दोनों पक्षों के दावों और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण होगा.
सीआइएसएफ जवानों को उपस्थित रहने का निर्देश
एनएचआरसी ने घटना की रात फायरिंग में शामिल रहे सीआइएसएफ क्विक रिस्पांस टीम के जवानों को बाघमारा थाने में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. इसके अलावा बाघमारा पुलिस को भी जांच प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए कहा गया है.
जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों, फायरिंग से जुड़े तथ्यों और पहले की गयी कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों व उपलब्ध साक्ष्यों की भी समीक्षा किये जाने की संभावना है. एनएचआरसी की आधिकारिक वेबसाइट पर आयोग की जांच गतिविधियों में मौके पर जाकर जांच करने की व्यवस्था दर्ज है.
प्रीतम चौहान की पत्नी ने आयोग से की थी शिकायत
घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच टीम और मजिस्ट्रियल जांच समेत विभिन्न स्तरों पर पड़ताल की गयी थी. मृतक प्रीतम चौहान की पत्नी सोनिया देवी ने इन जांचों से असंतुष्ट होकर एनएचआरसी से न्याय की गुहार लगायी थी.
सोनिया देवी का आरोप है कि घटना की रात सीआइएसएफ जवानों ने फर्जी मुठभेड़ में उनके पति और अन्य युवकों की हत्या की. यह शिकायतकर्ता का आरोप है, जिसकी पुष्टि जांच के निष्कर्ष से ही होगी. वहीं, घटना के समय सीआइएसएफ की ओर से आत्मरक्षा में फायरिंग किये जाने की बात कही गयी थी.
अब आयोग की टीम के बाघमारा पहुंचने के बाद मामले से जुड़े अधिकारियों, जवानों और अन्य संबंधित पक्षों से जानकारी लिये जाने की प्रक्रिया शुरू होगी. जांच के बाद आयोग की रिपोर्ट और निष्कर्ष से ही यह स्पष्ट होगा कि घटना की परिस्थितियों और फायरिंग को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं.
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