धनबाद से परमेश्वर प्रसाद बारी की रिपोर्ट
Dhanbad News: सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप करने से जुड़े मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो की ओर से दायर डिस्चार्ज पिटीशन पर बुधवार को सुनवाई होनी थी. यह सुनवाई धनबाद स्थित एमपी-एमएलए न्यायालय के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अर्पिता नारायण की अदालत में निर्धारित थी. हालांकि अपरिहार्य कारणों से मामले की सुनवाई नहीं हो सकी. अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जून 2026 की तारीख निर्धारित की है. इस मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में काफी चर्चा हो रही है.
सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का है आरोप
जयराम महतो पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस को चकमा देकर फरार होने और पुलिस बल पर समर्थकों द्वारा हमला कराने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. यह मामला पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आया था. प्राथमिकी के अनुसार पुलिस टीम उन्हें गिरफ्तार करने के लिए गयी थी, लेकिन इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गयी और पुलिस कार्रवाई में बाधा उत्पन्न हुई. मामले में पुलिस ने कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था.
अवर निरीक्षक की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
इस मामले में प्राथमिकी नगरी थाना के अवर निरीक्षक रितेश कुमार महतो की शिकायत पर दर्ज की गयी थी. बोकारो जिले के बीएसटी थाना में 2 मई 2024 को यह केस दर्ज हुआ था. एफआईआर में कहा गया है कि जयराम महतो के खिलाफ रांची की अदालत से गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था. इसी वारंट के आधार पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी. उस समय जयराम महतो विधानसभा चुनाव के नामांकन के सिलसिले में बोकारो गये हुए थे.
नामांकन के दौरान हुई थी पुलिस कार्रवाई
बताया जाता है कि पुलिस टीम वारंट के निष्पादन के लिए बोकारो पहुंची थी. इसी दौरान जयराम महतो के समर्थकों की भीड़ वहां जुट गयी. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि पुलिस को अपना काम करने से रोका गया और माहौल तनावपूर्ण बना दिया गया. पुलिस का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान जयराम महतो वहां से निकल गये और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका. साथ ही समर्थकों द्वारा पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की और विरोध किये जाने की भी बात एफआईआर में दर्ज है.
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अभियोजन को जवाब दाखिल करने का निर्देश
डुमरी विधायक की ओर से अदालत में डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल की गयी है. इस पिटीशन में मामले से मुक्त किये जाने की मांग की गयी है. अदालत ने इस पर अभियोजन पक्ष को प्रतिउत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब अगली सुनवाई 22 जून को होगी, जिसमें अभियोजन पक्ष अपना जवाब अदालत में प्रस्तुत कर सकता है. इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि मामले में आगे सुनवाई चलेगी या डिस्चार्ज पिटीशन पर कोई निर्णय लिया जायेगा.
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