गैंगस्टर प्रिंस खान के भाई बंटी खान की धनबाद पुलिस ने कराई रोड परेड, निशानदेही के दौरान पिटाई, देखें PHOTO

धनबाद पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के भाई बंटी खान को कोलकाता से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद उसे शहर में पैदल परेड कराया गया, जहाँ उस पर हमला भी हुआ. पुलिस ने उसके विदेश भागने की कोशिश नाकाम कर दी है.


रांची से अरविंद कुमार सिंह की रिपोर्ट

Gangster Bunty Khan Parade: झारखंड के धनबाद में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के भाई बंटी खान को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे शहर की सड़कों पर पैदल परेड कराई. पुलिस उसे उसके बयान के आधार पर निशानदेही के लिए उसके ठिकाने के पास लेकर पहुंची थी. इसी दौरान गैंगस्टर फहीम खान के बेटे, दामाद और कुछ परिजनों ने उसके साथ मारपीट कर दी. उनका आरोप था कि प्रिंस और बंटी खान अपराधी नहीं, बल्कि आतंकवादी हैं और ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. घटना के दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और बंटी खान को अपनी सुरक्षा में लेकर आगे की कार्रवाई पूरी की.

विदेश भागने की थी तैयारी


पुलिस जांच में सामने आया कि बंटी खान जाली पासपोर्ट के सहारे देश छोड़कर विदेश भागने की तैयारी में था. उसका मकसद अपने फरार भाई प्रिंस खान तक पहुंचना था, जो विदेश में बैठकर धनबाद और आसपास के कारोबारियों को धमकाने, लेवी वसूलने और हत्या की धमकी देने जैसे मामलों में लंबे समय से पुलिस के रडार पर है. प्रिंस खान कई बार सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस और अपने विरोधियों को खुली चुनौती भी दे चुका है.

गुप्त सूचना के बाद कोलकाता से गिरफ्तारी


धनबाद पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बंटी खान जल्द ही देश छोड़ने की कोशिश करेगा. इसके बाद धनबाद के एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उसे धनबाद लाया गया, जहां पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस उसे विभिन्न स्थानों पर निशानदेही के लिए लेकर गई.

जेल से निकलने के बाद बढ़ी थी निगरानी


बंटी खान इसी साल जनवरी में जेल से बाहर आया था. करीब चार साल तक जेल में रहने के बाद उसे अलग-अलग मामलों में जमानत मिली थी. जेल से बाहर आने के बाद से ही उसकी गतिविधियों पर पुलिस लगातार नजर रख रही थी. कुछ महीने पहले उसे धनबाद जेल से मधुपुर जेल स्थानांतरित किया गया था और वहीं से जमानत मिलने के बाद वह बाहर आया था.

नन्हें हत्याकांड सहित कई मामलों में आरोपी


बंटी खान धनबाद के चर्चित नन्हें हत्याकांड समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में आरोपी रहा है. 24 नवंबर 2021 को नया बाजार निवासी महताब आलम उर्फ नन्हें की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड की जिम्मेदारी खुद प्रिंस खान ने ली थी. इसके बाद पुलिस ने प्रिंस खान के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू किया था और उसके करीबी सहयोगियों की तलाश तेज कर दी थी.

यूपी से भी हो चुकी है गिरफ्तारी


मार्च 2022 में पुलिस ने बंटी खान को उसके दो साथियों के साथ उत्तर प्रदेश के एक रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद वह लगातार जेल में बंद रहा. इस दौरान उसके खिलाफ कई नए मामले भी दर्ज हुए. हालांकि बाद में अलग-अलग मामलों में उसे क्रमवार जमानत मिलती गई, जिससे वह जेल से बाहर निकल आया.

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अब रिमांड पर होगी पूछताछ


पुलिस का मानना है कि बंटी खान से पूछताछ में प्रिंस खान के नेटवर्क, लेवी वसूली, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और फरार अपराधियों की गतिविधियों से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं. फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस आगे उसे रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि उसके आपराधिक नेटवर्क और विदेश भागने की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके.

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लेखक के बारे में

By कुमार विश्वत सेन

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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