सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इंडोस्कोपी-यूएसजी मशीन इंस्टॉल, जल्द शुरू होगी जांच सुविधा

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इंडोस्कोपी-यूएसजी मशीन इंस्टॉल हो गई है, जो गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग में जल्द ही जांच शुरू करेगी. यह अत्याधुनिक मशीन पेट और पाचन तंत्र की जटिल बीमारियों की शुरुआती पहचान और मुफ्त इलाज में सहायक होगी. यह सुविधा मरीजों को निजी अस्पतालों के भारी खर्च से भी राहत देगी.

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इंडोस्कोपी-यूएसजी मशीन का इंस्टॉलेशन पूरा हो गया है. आने वाले कुछ दिनों में गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग में इस अत्याधुनिक मशीन से मरीजों की जांच शुरू कर दी जायेगी. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यह सुविधा मरीजों के लिए पूरी तरह नि:शुल्क होगी. इससे पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों की पहचान और इलाज में मदद मिलेगी.

एंडोस्कोपी और अल्ट्रासाउंड का संयोजन

इंडोस्कोपी-यूएसजी एक आधुनिक जांच तकनीक है, जिसमें एंडोस्कोपी और अल्ट्रासाउंड दोनों का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें एक पतली ट्यूब के माध्यम से शरीर के अंदर के अंगों की बारीकी से जांच की जाती है. इस तकनीक से पेट, अग्न्याशय (पैंक्रियाज), लिवर, पित्ताशय और आंतों की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान

इस तकनीक की मदद से कैंसर, ट्यूमर, अल्सर समेत कई गंभीर बीमारियों की शुरुआती चरण में पहचान करने में मदद मिलती है. बीमारी की सही स्थिति का पता चलने से चिकित्सकों को इलाज की दिशा तय करने में सुविधा होती है.

जांच के साथ बायोप्सी की सुविधा

इंडोस्कोपी-यूएसजी की एक अहम विशेषता प्रभावित हिस्से से सीधे सैंपल लेने की सुविधा है. चिकित्सक जरूरत के अनुसार बायोप्सी के लिए नमूना ले सकते हैं. इससे बीमारी की पुष्टि करने में मदद मिलती है और इलाज की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना आसान होता है.

मरीजों को निजी अस्पतालों के खर्च से राहत

एक ही प्रक्रिया के माध्यम से जांच और आवश्यकतानुसार बायोप्सी की सुविधा मिलने से मरीजों को अलग-अलग जांच के लिए अस्पताल के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है. अस्पताल में यह सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी अत्याधुनिक जांच का लाभ मिलेगा.

जटिल बीमारियों की जांच में मददगार

इंडोस्कोपी-यूएसजी पैंक्रियाटिक कैंसर, लिवर से जुड़ी बीमारियों और पित्ताशय सहित पाचन तंत्र की कई जटिल समस्याओं की जांच में उपयोगी है. मशीन के संचालन के साथ गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग में मरीजों को इन बीमारियों की जांच की आधुनिक सुविधा मिल सकेगी.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vicky Prasad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >