Dhanbad News: एमपीएल में कार्यरत विस्थापित एवं गैर विस्थापित कर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को एमपीएल के चारों मेन गेट को जाम कर प्रदर्शन किया. इस दौरान करीब सात घंटे तक प्लांट के अंदर वाहनों का प्रवेश व निकासी बंद रहा. सुबह पांच बजे ही आंदोलनकारियों ने एमपीएल के चारों गेट को जाम कर दिया था. आंदोलन के कारण प्लांट में कोयला व छाई की ट्रांसपोर्टिंग बाधित रही. प्लांट में कार्यरत अधिकारी व कर्मी सात घंटे तक प्लांट में फंसे रहे.
मेन गेट पर धरना पर बैठे रहे कर्मी
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाजपा नेता प्रशांत बनर्जी, जिप सदस्य संजय सिंह पिंटू, चंडी मिश्रा, पूर्व मुखिया साधन रवानी व रामाकांत पांडेय ने कहा कि एमपीएल के विस्थापित कर्मी विभिन्न मांगों को लेकर सांसद ढुलू महतो से मिले थे. लेकिन प्रबंधन ने मांगों पर विचार नहीं किया. बाध्य होकर आंदोलन करना पड़ा. प्लांट में संवेदक के अधीन 13 वर्षों से कार्यरत कर्मियों का वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है. सिर्फ आश्वासन मिल रहा है. झारखंड न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 को हटाकर अन्य पावर प्लांट में लागू वेज बोर्ड का लाभ मजदूरों को मिलना चाहिए.
दोपहर एक बजे हुई वार्ता
दोपहर एक बजे अधिकारियों की उपस्थिति में वार्ता हुई. इसमें तय हुआ कि आठ मार्च को लेबर कमिश्नर के कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता होगी. इसमें सांसद ढुलू महतो मौजूद रहेंगे. प्रबंधन के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ. आंदोलनकारियों ने कहा कि आठ मार्च की वार्ता में मांगों पर सहमति नहीं बनी, तो नौ से चक्का जाम किया जायेगा. मौके पर भाजपा नेता प्रशांत बनर्जी, जिप सदस्य संजय सिंह पिंटू, चंडी मिश्रा, भोला गोराई, साधन रवानी, धीरज मिश्रा, ब्योमकेश तिवारी, रामाकांत पांडे, सुरजीत राय तथा प्रबंधन पक्ष से गोपाल बरनवाल, प्रदीप कुंडू आदि थे.
गार्ड का गेट पास लेने पर दो घंटे जाम
कर्मियों द्वारा एमपीएल का गेट जाम करने पर गेट नंबर दो पर तैनात एक सुरक्षा कर्मी पर कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही. इससे नाराज आंदोलनकारियों ने उसका गेट पास अपने कब्जे में ले लिया. इसके विरोध में सभी सुरक्षाकर्मियों ने एकजुट होकर दो नंबर गेट को दो तक जाम रखा. बाद में समझौता के बाद जाम हटा. इसके बाद गार्ड का गेट पास वापस किया गया.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
