ऑक्सीजन के बिना तड़प रहे मरीज, सक्शन समेत कई मशीनों की कमी से जान पर आफत

Dhanbad Health News: लगभग 10 वर्ष पहले 12 बेड के साथ इमरजेंसी में एसआइसीयू की शुरुआत हुई थी. तब से अबतक बेड की संख्या नहीं बढ़ायी गयी थी. कुछ दिन पहले एसएनएमएमसीएच प्रबंधन ने छह बेड बढ़ाने की योजना को स्वीकृति दी. योजना को लेकर एक सप्ताह पहले तीन बेड बढ़ाया गया. इस माह के अंत तक तीन और बेड लगाने की योजना है.

Dhanbad Health News: धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) की इमरजेंसी में संचालित सर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (एसआइसीयू) में भर्ती गंभीर मरीजों का खतरनाक स्थिति में इलाज किया जा रहा है. हाल ही में एसआइसीयू में बेड की संख्या बढ़ायी गयी है, लेकिन संसाधनों का इंतजाम नहीं किया गया है. बेडों के समीप ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था नहीं है. गंभीर मरीजों के लिए सक्शन मशीन भी नहीं लगायी गयी है. इसके अलावा अन्य लाइफ सेविंग उपकरण भी मुहैया नहीं कराये गये हैं. ऐसे में गंभीर मरीजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों की जान पर आफत है. बता दें कि एक सप्ताह पहले ही अस्पताल प्रबंधन ने एसआइसीयू में बेड की संख्या 12 से बढ़ाकर 15 कर दी है.

एसआइसीयू में बेड की संख्या बढ़ाकर 18 करने की है योजना

लगभग 10 वर्ष पहले 12 बेड के साथ इमरजेंसी में एसआइसीयू की शुरुआत हुई थी. तब से अबतक बेड की संख्या नहीं बढ़ायी गयी थी. कुछ दिन पहले एसएनएमएमसीएच प्रबंधन ने छह बेड बढ़ाने की योजना को स्वीकृति दी. योजना को लेकर एक सप्ताह पहले तीन बेड बढ़ाया गया. इस माह के अंत तक तीन और बेड लगाने की योजना है.

मरीजों की स्थिति देख तीन बेड पर भर्ती लिए जा रहे मरीज

वर्तमान में मरीजों की स्थिति देखकर बढ़ाये गये बेड पर भर्ती लिया जा रहा है. नये बेड पर भर्ती मरीज की स्थित गंभीर होने पर तत्काल दूसरे बेड अथवा आइसीयू व सीसीयू में शिफ्ट कर दिया जा रहा है. इमरजेंसी के स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मंगलवार को एसआइसीयू में लगाये गये नये बेड पर भर्ती मरीज की स्थिति बिगड़ गयी थी. उसे तत्काल ऑक्सीजन की आवश्यकता थी. लेकिन बेड के पास ऑक्सीजन समेत अन्य उपकरण मौजूद नहीं थे. एसआइसीयू में अन्य बेड भी खाली नहीं था. बाद में मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए आइसीयू में शिफ्ट किया गया.

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मामले की जानकारी नहीं है. जल्द ही इसकी समीक्षा करेंगे. एसआइसीयू सर्जरी विभाग के अधीन होता है. इस संबंध में विभागाध्यक्ष से बात करेंगे. आवश्यकता अनुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी.

डॉ डीके गिंदौरिया, अधीक्षक, एसएनएमएमसीएच

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