धनबाद को रेलवे जोन बनाने की मांग, संसदीय समिति की बैठक में गूंजा मुद्दा

धनबाद मंडल संसदीय समिति की बैठक में क्षेत्रीय रेल विकास पर विस्तृत चर्चा हुई. सांसदों ने नई ट्रेनों, रेल विस्तार और धनबाद को रेलवे जोन का दर्जा देने जैसी महत्वपूर्ण मांगें उठाईं.

प्रतीक पोपट

Dhanbad News: धनबाद मंडल संसदीय समिति की बैठक में क्षेत्रीय रेल विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में शामिल सांसदों ने नई ट्रेनों के संचालन, ट्रेनों के विस्तार, ठहराव, फेरों में बढ़ोतरी और यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं. इस दौरान धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने धनबाद को रेलवे जोन का दर्जा देने की प्रमुख मांग उठाई. धनबाद डीआरएम कार्यालय में आयोजित मंडल संसदीय समिति की बैठक की अध्यक्षता पलामू सांसद वीडी राम ने की. बैठक में धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि धनबाद मंडल देश के सबसे अधिक राजस्व और कोयला लदान करने वाले रेल मंडलों में शामिल है. ऐसे में इसे रेलवे जोन का दर्जा दिया जाना चाहिए, जिससे पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी.

नई ट्रेनों और विस्तार की भी उठी मांग

बैठक में ढुल्लू महतो ने जम्मू जाने वाली ट्रेन को कटरा तक विस्तार देने, गंगा-दामोदर एक्सप्रेस को पटना से आगे बक्सर तक चलाने, धनबाद-बक्सर नई ट्रेन शुरू करने और कई स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की मांग रखी. वहीं, पलामू सांसद वीडी राम ने गया-शेरघाटी-इमामगंज रेल लाइन परियोजना, विभिन्न ट्रेनों के ठहराव, मार्ग विस्तार और यात्री सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया.

चतरा और गिरिडीह के सांसदों ने भी रखीं मांगें

बैठक में चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र की दो प्रमुख रेल समस्याओं को रेलवे अधिकारियों के समक्ष रखा. वहीं गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने रेल संपर्क मजबूत करने, यात्री सुविधाओं के विस्तार और लंबित विकास कार्यों को जल्द पूरा करने की मांग की.

लंबित परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक का उद्देश्य सांसदों के संसदीय क्षेत्रों के रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार, नई ट्रेनों के संचालन, ट्रेनों के ठहराव और मार्ग विस्तार की समीक्षा करना था. इसके अलावा लंबित रेल परियोजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई. बैठक के दौरान रेलवे प्रशासन ने सांसदों की ओर से उठाए गए सभी सुझावों और मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया.

रेलवे बोर्ड के फैसले पर टिकी निगाहें

संसदीय समिति की बैठक में क्षेत्रीय रेल विकास से जुड़े कई अहम प्रस्ताव सामने आए हैं. अब लोगों की नजर रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय पर है कि इन मांगों पर कब और किस स्तर पर निर्णय लिया जाता है.

ये भी पढ़ें...

'मंत्री महोदया, सिमडेगा के गांवों को टापू बनने से बचाएं', दीपिका पांडेय सिंह से मिले विधायक भूषण बाड़ा

मंईयां सम्मान योजना : रांची की 3.66 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचे 275 करोड़ रुपये


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >