मरनी-जीनी और इलाज में साथ निभा रहा AILRSA, अब तक 58 लाख से ज्यादा की मदद

Dhanbad News: धनबाद के गोमो में ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) अपने साथियों और उनके परिजनों के लिए संकट में मजबूत सहारा बनकर उभरी है. डेथ केस, इलाज जैसी परिस्थितियों में यह सहायता दी जाती है. इससे जुड़ी पूरी खबर नीचे पढ़ें.

धनबाद से बेंक्टेश शर्मा की रिपोर्ट

Dhanbad News: झारखंड के धनबाद जिले के गोमो में ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन AILRSA अपने साथियों और उनके परिजनों को मुसीबत में अकेले नहीं छोड़ती है. एसोसिएशन साल 2017 से अब तक 58 लाख रुपये से ज्यादा का आर्थिक मदद अपने साथियों और उनके परिजनों को कर चुका है. एसोसिएशन के धनबाद मंडल सचिव आर आर प्रजापति तथा मंडल संरक्षक पंकज कुमार ने प्रभात खबर को बताया कि AILRSA मुसीबत के टाइम अपने साथियों को अकेले नहीं छोड़ती है. कुछ लोको रनिंग कर्मचारी हमारे संगठन के सदस्य नहीं है. इसके वाबजूद उनके द्वारा मदद मांगने पर AILRSA मानवता के नाते उन्हें भी आर्थिक मदद करती है. मदद के रूप में दी गयी राशि संगठन को वापस नहीं करना है. 

किन परिस्थितियों में मिलती है मदद

एसोसिएशन लोको रनिंग कर्मियों के निधन लोको रनिंग कर्मी के निधन होने पर, लोको रनिंग कर्मी या उनके परिजन को इलाज के लिए एक बार में आर्थिक मदद करता है. बर्खास्त लोको रनिंग स्टाफ के केस का फैसला न्यायालय से आने तक हर महीने आर्थिक मदद की जाती है. खून की जरूरत पड़ने पर हॉस्पिटल के नजदीकी शाखा के कर्मी रक्तदान कर मदद करते है. 

ऐसे जुटाई जाती है सहायता राशि

जरूरतमंद लोको रनिंग कर्मी को उनके जरूरत के हिसाब से राशि को स्थानीय शाखा से इकट्ठा किया जाता है. ज्यादा राशि की जरूरत पड़ने पर धनबाद मंडल के सभी शाखा से सहयोग लिया जाता है. विशेष स्थिति में पूर्व मध्य रेल में संगठन के सभी शाखाओं से आर्थिक मदद मिलता है. 

व्हाट्सएप से शुरू होती है मदद की पहल

एसोसिएशन के वाट्सएप ग्रुप पर आर्थिक मदद के लिए एक अपील पोस्ट की जाती है. जिसके बाद संगठन के पदाधिकारी और सदस्य क्युआर कोड या नामित व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर आर्थिक सहयोग स्वेच्छा से देना शुरू कर देते है. ऑन लाइन लेनदेन से दूर रहने वाले सदस्य नामित व्यक्ति के पास नकद सहयोग राशि जमा कर देते है. सहयोग राशि कम से कम पांच सौ रुपये निर्धारित है. जरूरतमंद को सहयोग के बाद इकट्ठा की गई राशि का पूरा विवरण ग्रुप में पोस्ट कर दिया जाता है जिससे कि पारदर्शिता बनी रहे. 

निभा चुके है सामाजिक दायित्व 

एसोसिएशन के सदस्य कोरोनाकाल के दौरान गोमो और पास ग्रामीण क्षेत्रों में भी जरूरतमंदों के बीच 1,23,500 रुपये की खाद्य सामग्रियों को बांटकर सामाजिक दायित्व को निभाया. 

कब और किसे मिला मदद 

  • केस स्टडी 1 – वर्ष 2017 में सहायक लोको पायलट इंदल कुमार के डेथ केस में उनके परिजन को 98000 रुपये की मदद
  • केस स्टडी 2 – वर्ष 2019 में सहायक लोको पायलट विजेन्द्र कुमार के डेथ केस में उनके परिजन को 130000 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 3 – वर्ष 2021 में पतरातू के शंटर रोहन सोरेन को ईलाज कराने के लिए 50000 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 4 – वर्ष 2023 में लोको पायलट ओपी उरांव के डेथ केस में उनके परिजन को 140000 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 5 – वर्ष 2023 में पतरातू के लोको पायलट इएन महतो को पैरालिसिस इलाज के लिए 230000 रुपये की मदद
  • केस स्टडी 6 – वर्ष 2024 में टोरी के लोको पायलट शम्भू कुमार के डेथ केस में उनके परिजन को 175000 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 7 – वर्ष 2024 में शक्तिनगर के लोको पायलट एमके सिंह को किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए 6 लाख रूपये की मदद. 
  • केस स्टडी 8 – वर्ष 2023 में सिंगरौली के लोको पायलट बिनोद राम के डेथ केस में उनके परिजन को 84000 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 9 – वर्ष 2023 में सिंगरौली के लोको पायलट डब्लूए अंसारी को कैंसर का इलाज कराने के लिए 71000 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 10 – वर्ष 2023 में धनबाद के लोको पायलट अजय कुमार के पत्नी का किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए 11 लाख की मदद.
  • केस स्टडी 11 – वर्ष 2022 में गोमो के लोको पायलट शिवपूजन के डेथ केस में उनके परिजन को 5 लाख रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 12 -वर्ष 2021 में बरवाडीह के लोको पायलट भीके वर्मा का के डेथ केस में उनके परिजन को 245000 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 13 – वर्ष 2020 में गोमो के सहायक लोको पायलट टीपी सिंह के डेथ केस में उनके परिजन को 221600 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 14 – वर्ष 2021 गोमो के वरीय सहायक लोको पायलट यशवंत कुमार के डेथ केस में 148161 रुपये की मदद
  • केस स्टडी 15 – वर्ष  2021 में गोमो के वरीय सहायक लोको पायलट प्रह्लाद कुमार के डेथ केस में उनके परिजन को 133610 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 16 – वर्ष 2021 में गोमो के वरीय सहायक लोको पायलट के डेथ केस में उनके परिजन को 115901 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 17 – वर्ष 2021 में गोमो के लोको पायलट जेएन पासवान को पैरालिसिस उपचार के लिए 106502 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 18 – वर्ष 2021 में लोको पायलट अन्नु तुरी को पैरालिसिस उपचार के लिए 101000 रुपये की मदद.
  • केस स्टडी 19 – वर्ष 2013 में गोमो के सहायक लोको पायलट रवि रंजन, आरके चौधरी तथा अभिषेक कुमार के बर्खास्त होने से पुनः नौकरी में बहाल होने पर तीनों को 25-25 हजार रुपये का प्रतिमाह मदद.
  • केस स्टडी 20- वर्ष 2020 से खड़गपुर के पांच बर्खास्त लोको रनिंग कर्मी को न्यायालय के आदेश पर रेल सेवा में बहाल होने तक संगठन की ओर से भारतीय रेल के सभी जोन से आर्थिक मदद दिया गया.
  • केस स्टडी 21- वर्ष 2021 में बरौनी के लोको पायलट आदित्य प्रकाश को कैंसर का इलाज कराने के लिए जोनल स्तर पर राशि एकत्रित कर 12 लाख रुपये की मदद. 
  • केस स्टडी 22- वर्ष 2024 में गोमो के लोको पायलट पंकज कुमार सिंह के डेथ केस में परिजनों को 194000 रुपये की आर्थिक मदद.
  • केस स्टडी 23- वर्ष 2026 में लोको पायलट वाई किस्कू के किडनी के इलाज के लिए परिजनों को अभी तक 182000 रुपये का आर्थिक मदद देने के वाबजूद राशि इकट्ठा करने का काम जारी है. 

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लेखक के बारे में

By Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर में लाइफस्टाइल बीट के लिए कंटेंट लिखती हैं. वह पिछले एक साल से व्यंजन (Recipes), फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे विषयों पर लेख लिख रही हैं. उनका उद्देश्य पाठकों को रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और स्टाइलिश बनाने के लिए प्रैक्टिकल टिप्स देना है.

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