धनबाद : धनबाद रेलवे स्टेशन अपराधियों का पनाहगार बन गया है. कहीं जिस्मफरोशी का कारोबार, तो कहीं अवैध शराब का अड्डा. वर्षों से चले आ रहे इस अवैध धंधे को रोकने में आरपीएफ व जीआरपी पूरी तरह से नाकाम है. इसका खामियाजा आम यात्रियों या राहगीरों को भुगतना पड़ता है. आये दिन आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस थोड़ा बहुत उपाय तो करती है, लेकिन साफ तौर से कहा जाये तो इन्हें पनाह देने वाले भी वर्दीधारी ही हैं.
कार पार्किंग में शराब व जुआ : धनबाद स्टेशन की कार पार्किंग पूरी तरह से जुआरियों और शराबियों का अड्डा बन चुकी है. दिन में कई लोग तो ताश लेकर मनोरंजन करते दिखते हैं. लेकिन शाम होने के बाद डिलक्स शौचालय की तरफ मयखाना व जुआ अड्डा शुरू हो जाता है. रविवार को बारिश में भी कई लोग ठेला व जमीन पर बैठ कर शराब पी रहे थे. जैसे ही कैमरे पर नजर पड़ी, सभी शराब छोड़ कर भाग खड़े हुए. इससे खराब स्थिति साउथ साइड स्टेशन की तरफ है.
वहां अवैध शराब के साथ कई नशीले पदार्थ बेचे जाते हैं और वहां सुबह से लेकर रात तक यह सिलसिला चलता रहता है. यहां पर जुआ अड्डा शाम होते ही शुरू हो जाता है. यहां पर टैक्सी ड्राइवर, टिकिया पाड़ा, वासेपुर, नया बाजार सहित कई जगह के लोगों का जमावड़ा रहता है और देर रात तक जुआ अड्डा चलता रहता है. ऑटो लेन के पास बना रेलवे शेड में रात में गांजा, शराब व हेरोईन पीने वालों का जमावड़ा रहता है.
