Deoghar News : मोहनपुर में अपहरण की गुत्थी सुलझी, मास्टरमाइंड समेत तीन शातिर गिरफ्तार

मोहनपुर पुलिस ने फिरौती के लिए अगवा किये गये मुन्ना कुमार मंडल को मात्र 15 घंटे में सकुशल बरामद कर अपहरणकांड का खुलासा कर दिया है. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ अपहृत की जान बच गयी, बल्कि तीन शातिर अपराधी भी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गये.

प्रतिनिधि, मोहनपुर : मोहनपुर पुलिस ने फिरौती के लिए अगवा किये गये मुन्ना कुमार मंडल को मात्र 15 घंटे में सकुशल बरामद कर अपहरणकांड का खुलासा कर दिया है. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ अपहृत की जान बच गयी, बल्कि तीन शातिर अपराधी भी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गये. इस संबंध में मोहनपुर थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मोहनपुर थाना क्षेत्र के जोगिया गांव निवासी मुन्ना कुमार मंडल (पिता जोगेंद्र मंडल) को अज्ञात अपराधियों ने 15 अक्तूबर को फिरौती के लिए अगवा कर लिया था. अपहरण की सूचना उनकी पत्नी मधु कुमारी ने थाना प्रभारी प्रियरंजन कुमार को मोबाइल के माध्यम से दी थी. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने वरीय पदाधिकारी को सूचित कर त्वरित कार्रवाई शुरू की. पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर छापामारी अभियान चलाया. पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से भौरा-जमुआ जंगल क्षेत्र में छापामारी की. इसी दौरान अपराधियों का पीछा करते हुए मुन्ना मंडल को सकुशल बरामद कर लिया गया. पीड़ित मुन्ना मंडल के बयान के आधार पर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया और तकनीकी निगरानी के माध्यम से अपहरण में शामिल अपराधियों की पहचान की. पुलिस ने इस कांड में अर्जुना गांव निवासी जामुन यादव उर्फ यमुना यादव, तालझारी थाना क्षेत्र के पिपरा डेंगाल निवासी प्रदीप खिरहर उर्फ प्रदीप यादव (वर्तमान में रिखिया थाना क्षेत्र के बंधा निवासी) और कुंडा थाना क्षेत्र के धावाटांड़ गांव निवासी अरुण कुमार यादव उर्फ ब्लास्टर को गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान प्रदीप यादव ने अपराध स्वीकार करते हुए पूरी वारदात की जानकारी दी. वहीं जामुन यादव ने अपहृत का लोकेशन देने और सूचना साझा करने की भूमिका कबूल की. पुलिस ने जामुन यादव को घटना का मास्टरमाइंड बताया है. आरोपियों ने मुन्ना कुमार मंडल की पत्नी मधु कुमारी से फोन पर संपर्क कर नौ लाख रुपये की फिरौती मांगी थी. धमकी दी गयी थी कि यदि पैसे नहीं दिये गये तो उनके पति की हत्या कर दी जायेगी. आरोपितों ने यह भी कहा था कि उनके पति साइबर क्राइम से पैसा कमाते हैं, इसलिए रकम तुरंत दी जाऐ. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी पहले भी अपहरण, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुके हैं. इन पर मोहनपुर, कुंडा और नगर थाना क्षेत्रों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. अपराधियों की निशानदेही पर पुलिस ने जमुआ जंगल से लूटी गयी बाइक बरामद की है. अन्य लूटे गये सामान की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पीड़ित के आवेदन पर पुलिस ने चार नामजद समेत सात अज्ञात अपराधियों पर अपहरण और लूट का मामला दर्ज किया है. वहीं अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है. मौके पर मोहनपुर थाना प्रभारी प्रियरंजन कुमार, एसआई मनींद्र कुमार, एएसआई राजू रजवार व अन्य मौजूद थे. हाइलाइट्स प्रेस वार्ता में एसडीपीओ अशोक कुमार सिंह ने दी जानकारी नौ लाख रुपये की कांगी गयी थी फिरौती, अगवा युवक को 15 घंटे में पुलिस ने किया था सकुशल बरामद जामुन यादव है अपहरण कांड का मास्टरमाइंड -तीनों आरोपी पहले भी कई गंभीर मामलों में जा चुके हैं जेल

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ASHISH KUNDAN

ASHISH KUNDAN is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >