दूसरी सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव से गूंजा बाबाधाम, 2 लाख से अधिक कांवरियों ने किया जलार्पण, देखें PHOTOS

Shravani Mela 2025: देवघर स्थित मनोकामना शिवलिंग पर जलार्पण करने के लिए दूसरी सोमवारी पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. बाबा मंदिर से 15 किलोमीटर दूर तक श्रद्धालुओं की कतार लगी रही. पूरा बाबाधाम हर-हर महादेव और बोल-बम से गूंजता रहा. मंदिर और उसके आसपास विश्व कल्याण के मंत्र गूंजते रहे. देखें कैसा था बाबाधाम का माहौल.

Shravani Mela 2025: सावन की दूसरी सोमवारी को बाबाधाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. मनोकामना लिंग बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए भक्तों का उत्साह चरम पर रहा. कांवरिया पथ दुम्मा से लेकर देवघर तक चारों ओर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे. दूसरी सोमवारी को पूरा शहर शिवभक्ति में सराबोर हो गया. 3 लाख से अधिक भक्त बाबाधाम जलार्पण के लिए पहुंचे. इनमें से शाम 7 बजे तक करीब सवा दो लाख कांवरियों ने अरघा से बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर मंगलकामना की.

बाबा बैद्यनाथ के मंदिर में उमड़ा केसरिया सैलाब. फोटो : प्रभात खबर

पट खुलने से पहले 15 किलोमीटर दूर पहुंची कतार

भक्तों की कतार पट खुलने से पहले 15 किलोमीटर दूर कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच गयी थी. सोमवारी पर होने वाली कांवरियों की भीड़ का अंदाजा रविवार दोपहर बाद से ही होने लगा था. रविवार शाम से ही कांवरिया पथ पूरी तरह केसरियामय हो गया. भीड़ इतनी रही कि मातृ मंदिर स्कूल मोड़ से लेकर शिवगंगा तक महज 2 किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे से अधिक का समय लग रहा था.

अनुशासन के साथ बाबाधाम की ओर बढ़ते कांवरिये. फोटो : प्रभात खबर

चरम पर कांवरियों का उत्साह

कांवरियों का उत्साह ऐसा था कि थकावट के बावजूद उनके चेहरों पर बाबा के दर्शन का उत्साह स्पष्ट दिखायी दे रहा था. शिवगंगा के किनारे से मुख्य द्वार के समीप तक हर तरफ भक्तों की कतारें लगी रहीं.

बाबा को जलार्पण करने की खुशी कांवरियों के चेहरे पर दिखी. फोटो : प्रभात खबर

सुबह 4:07 बजे से शुरू हुआ दूसरी सोमवारी का जलार्पण

सोमवार को बाबा मंदिर का पट तय समय पर खुला और सुबह 3:45 बजे कांचा जल शुरू किया गया. यह करीब 20 मिनट तक चला. इसके बाद मंदिर के महंत श्रीश्री गुलाब नंद ओझा ने षोड्शोपचार विधि से दैनिक सरदारी पूजा की. सुबह 4:07 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण शुरू हुआ.

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बाबा के दरबार में गूंजते रहे विश्व कल्याण के मंत्र

बाबा के दरबार में विश्व कल्याण की कामना के साथ मंत्रोच्चार गूंजते रहे. इसी बीच, मुख्य अरघा की कतार कुमैठा स्टेडियम तक पहुंच गयी, तो बाह्य अरघा की कतार भी बढ़ते-बढ़ते बड़ा बाजार और आजाद चौक के करीब पहुंच चुकी थी. शाम 7 बजे तक करीब सवा 2 लाख से अधिक कांवरियों ने बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित किया. जलार्पण उसके बाद भी जारी रहा.

सुल्तानगंज से बाबाधाम तक हर रंग केसरिया. फोटो : प्रभात खबर

रैफ ने संभाली बाबा मंदिर की कमान

दूसरी सोमवारी को जलार्पण के लिए बाबा मंदिर पहुंचे शिव भक्तों की भीड़ इतनी अधिक है कि श्रद्धालुओं की कतार रात के 12:30 बजे ही नंदन पहाड़ रिंग रोड के पार पहुंच गयी थी. रात 2 बजे के बाद श्रद्धालुओं की कतार सिंघवा, चमारीडीह होते कुमैठा पहुंच गयी. इधर, अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए बाबा मंदिर की सुरक्षा की कमान रैपिड एक्शन फोर्स ने संभाल ली.

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अधिकारी करते रहे मॉनिटरिंग

देवघर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग के अलावा 2 अतिरिक्त आइपीएस दीपक पांडेय और मनोज स्वर्गियारी बाबा मंदिर से लेकर रूट लाइन में टेल प्वाइंट तक कड़ी मॉनिटरिंग कर रहे थे. डीसी-एसपी सहित सभी वरीय पदाधिकारी और रूट लाइन में तैनात मजिस्ट्रेट भीड़ नियंत्रण में लगे रहे. इसके साथ ही भीड़ को कतारबद्ध करने और नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से माइकिंग भी करवायी जा रही थी. बाबा धाम में अधिक भीड़ हो जाने की सूचना कांवरिया पथ पर भी दी जा रही थी.

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कांवरिया पथ पर रात-दिन चलता कांवरियों का रेला

दूसरी सोमवारी के दिन जलार्पण के लिए रविवार से लेकर सोमवार दोपहर तक कांवरिया पथ पर भक्तों का रेला चलता रहा. झारखंड में प्रवेश करते ही कांवरिया सीधे बाबा धाम की ओर रुख करने लगे और कतार में लगकर सोमवार को ही जल चढ़ाने की व्याकुलता उन्हें बाबा मंदिर की ओर खींचने लगी.

सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने में निभायी अहम भूमिका. फोटो : प्रभात खबर

आइएमसीआर 24 घंटे एक्टिव

आइएमसीआर में प्रतिनियुक्त अधिकारी सजग रहकर अपने काम में लगे रहे. मेला क्षेत्र की निगरानी के साथ विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से कंट्रोल रूम का काफी महत्वपूर्ण स्थान है. वहीं, मेला क्षेत्र में सफाई मित्र द्वारा 24×7 साफ-सफाई, कचड़ा निष्पादन, ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव और हाइजीन पर विशेष फोकस किया जा रहा था, ताकि श्रद्धालुओं को एक साफ-सुथरा और स्वच्छ माहौल मुहैया कराया जा सके.

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By Mithilesh Jha

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